
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच सीमा पर जारी संघर्ष अब गंभीर रूप लेता दिख रहा है। बढ़ती सैन्य झड़पों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी बीच पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने हवाई और जमीनी कार्रवाई में 352 अफगान तालिबान लड़ाकों (Afghan Taliban fighters) और उनके सहयोगी तत्वों को मार गिराया है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार के अनुसार अब तक 352 तालिबान सदस्य मारे गए और 535 घायल हुए हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने 130 सैन्य चौकियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जबकि 26 सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया गया। इसके अलावा 171 टैंक और बख्तरबंद वाहन तबाह करने तथा 41 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले करने का भी दावा किया गया है।
‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ के तहत कार्रवाई
पाकिस्तान ने यह सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक’ के नाम से शुरू किया है। उसका कहना है कि 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर अफगान पक्ष ने 53 स्थानों पर एक साथ हमले किए थे, जिसके जवाब में यह व्यापक कार्रवाई की गई। सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि अफगान तालिबान को तय करना होगा कि वह पाकिस्तान के साथ खड़ा है या आतंकी संगठनों के साथ। उन्होंने दोहराया कि देश की सुरक्षा पाकिस्तान की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान उसकी जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए), आईएसआईएस और अल-कायदा जैसे संगठनों को करने देता है। हालांकि अफगान पक्ष इन आरोपों को खारिज करता रहा है और पाकिस्तान को अपने आंतरिक हालात सुधारने की नसीहत देता है।
अमेरिका का समर्थन, तालिबान की बातचीत की पेशकश
तनाव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। अमेरिका की अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर ने कहा कि वे हालात पर नजर रखे हुए हैं और पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हैं। वहीं अफगान तालिबान ने बातचीत की इच्छा जताई है। अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने कहा कि अफगानिस्तान आपसी सम्मान और समझ के आधार पर मसलों को सुलझाना चाहता है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी संकेत दिया है कि वे इस विवाद को संवाद के जरिए हल करने के पक्षधर हैं।
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