
नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुरुवार को एक बार फिर मोदी सरकार पर महिलाओं के मंगलसूत्र को चोरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र के मित्र पूंजीवाद, मनमौजी नीति निर्माण और गलत प्राथमिकताओं के कारण सोने के कर्जों पर डिफॉल्ट बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से महिलाएं अपना मंगलसूत्र तक खो रही हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि लोग कम से कम 30 प्रतिशत गोल्ड लोन पर चूक कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘मोदी सरकार की बढ़ती रिश्तेदारी, अनियमित नीति निर्माण और विकृत प्राथमिकताओं ने इसे देश के इतिहास में एकमात्र सरकार बना दिया है जो महिलाओं से मंगलसूत्र चुराने का कलंक हासिल कर चुकी है।’
उन्होंने कहा, ‘जब नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री मंगलसूत्र छीनने की एक काल्पनिक साजिश को लेकर लोगों को डरा रहे थे, तब हमने उनके कार्यकाल के दौरान गोल्ड लोन में तेजी से हुई वृद्धि का मुद्दा उठाया था। अनुमानित रूप से करीब तीन लाख करोड़ रुपये के गोल्ड लोन भारतीय परिवारों के पास हैं, जो आज तक बकाया हैं। अब यह सामने आ रहा है कि कर्ज बढ़ने और अर्थव्यवस्था के सुस्त होने के साथ, गोल्ड लोन डिफॉल्ट होने के मामले बढ़ रहे हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘वर्ष 2024 में मार्च और जून के बीच तीन महीनों में गोल्ड लोन एनपीए का अनुपात 30 प्रतिशत बढ़ा है- 5,149 करोड़ रुपये से 6,696 करोड़ रुपये। ये तो सिर्फ औपचारिक क्षेत्र के गोल्ड लोन्स हैं – इसका कोई अनुमान नहीं है कि कितने परिवारों ने अनौपचारिक क्षेत्र का सहारा लेकर इस तरह का लोन लिया है।’
रमेश ने कहा कि जब परिवार इस तरह के लोन्स के मामलों में डिफॉल्ट करते हैं, तब आम तौर पर उन्हें अपनी सोने की संपत्ति खोनी पड़ती है – ज्यादातर मामलों में महिलाओं के आभूषण होते हैं, जिसमें मंगलसूत्र भी शामिल है। मोदी सरकार के मित्र पूंजीवाद, मनमौजी नीति निर्माण और गलत प्राथमिकताओं ने इसे स्वतंत्र भारत के इतिहास में महिलाओं से मंगलसूत्र छीनने वाली एकमात्र सरकार बना दिया है।
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