
नई दिल्ली । मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ (‘Purification’ ritual following Mallikarjun Khadge’s Haldwani Rally) की कांग्रेस सांसदों ने कड़ी निंदा की (Congress MPs strongly Condemned) ।
उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ हवन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस सांसदों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे दलितों के प्रति भेदभाव, संवैधानिक मूल्यों और समानता के सिद्धांत के खिलाफ बताया है। सांसदों ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है और उत्तराखंड सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इस घटना को बेहद गलत और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जो दलित समुदाय से आते हैं, ने किसी सभा को संबोधित किया और उसके बाद उसी स्थान पर ‘शुद्धिकरण’ कराया गया, तो इससे ज्यादा अपमानजनक कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यह राजनीति के बेहद निचले स्तर को दर्शाता है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले पर स्पष्ट बयान देने की मांग की।
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ तिरंगा यात्रा और राष्ट्रवाद की बात की जाती है, जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता के मामले में संविधान में दिए गए समानता के सिद्धांत का कथित रूप से उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जिस मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेताओं ने जनसभा की, उसी स्थान का ‘शुद्धिकरण’ किया जाना बेहद आपत्तिजनक है। शैलजा ने सवाल किया कि आखिर यह कैसा शुद्धिकरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं एक विशेष विचारधारा और मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को ऐसी सोच और मानसिकता से ‘शुद्धिकरण’ की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना के बावजूद कार्रवाई नहीं होती है तो यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में 75 वर्षों के संवैधानिक शासन के बावजूद ऐसी घटनाएं होना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता, सांसद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष जैसे पद पर रहे व्यक्ति की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया जाना गंभीर मामला है। मल्लू रवि ने कहा कि जिन्होंने यह किया है, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद अमन सिंह ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा की सोच समाज में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी वर्गों की भागीदारी को स्वीकार नहीं करने वाली है। वहीं इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि खड़गे देश के बड़े दलित नेताओं में हैं और लंबे संसदीय जीवन में उन्होंने देश की सेवा की है। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रधानमंत्री से सवाल किया कि खड़गे के कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ क्यों किया गया।
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