नई दिल्ली। रूसी तेल (Russian oil) की खरीद को लेकर ट्रंप (Trump) की तरफ से भारत पर की गई टिप्पणी की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) पर भी सवाल उठाया। मुख्य विपक्षी पार्टी ने पूछा कि आखिर मोदी और ट्रंप के बीच दिखाई देने वाले मजबूत सार्वजनिक संबंधों के बाद भी अमेरिका का भारत को लेकर रवैया धमकी भरा क्यों हैं?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि मोदी और ट्रंप के रिश्तों में दिखने वाली गर्मजोशी के बावजूद वाशिंगटन का भारत के प्रति रवैया कभी गर्म कभी ठंडा नजर आता है। अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उन्होंने लिखा, “नमस्ते ट्रंप और हाउडी मोदी जैसे भव्य आयोजनों और सार्वजनिक रूप से की गई तारीफों और गले लगने का भारत को कोई खास फायदा नहीं मिलाा है।”
जयराम रमेश के अलावा कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी पीएम मोदी को कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा लागत के आधार पर ईंधन खरीदता रहा है और रूस से आने वाला तेल सस्ता है। यह तेल खरीदना हमारा संप्रभु अधिकार है। अमेरिका प्रधानमंत्री मोदी की कमजोरी का फायदा उठा रहा है।
कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने भी ट्रंप की इस टिप्पणी को लेकर पीएम मोदी और सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने लिखा, “ट्रंप वहां खड़े होकर भारत का मजाक उड़ा रहे हैं। अपमानित कर रहे हैं। ट्रंप के बगल में खड़ा एक अमेरिकी सीनेटर दावा करता है कि भारतीय राजदूत राष्ट्रपति को खुश करने के लिए गिड़गिड़ा रहा था। ट्रंप कहते हैं कि मोदी ने अमेरिकी दबाव में रूसी तेल के आयात को घटाया है ताकि वह खुश हो सकें।”
श्रीनेत ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “ऐसे गुंडे खुलेआम मेरे देश का मजाक उड़ा रहे हैं। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री की ओर से एक शब्द तक नहीं आया। एक आवाज भी नहीं।”
क्या कहा था ट्रंप ने?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने रविवार को भारत और अमेरिका के रिश्तों पर कुछ टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, “भारत मुझे खुश करना चाहता था। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, उन्हें पता ता कि मैं खुश नहीं था। और मुझे खुश करने के लिए उन्होंने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया। मुझे खुश करना जरूरी था वरना हम उन पर बहुत जल्दी ही टैरिफ बढ़ा सकते थे।
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