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भागीरथपुरा कांड में हल्ला मचाने वाली कांग्रेस ने आयोग के समक्ष नहीं ली आपत्ति

March 01, 2026

कल जांच आयोग की थी आखिरी तारीख, केवल एक कांग्रेसी ही पहुंचा

इन्दौर। भागीरथपुरा (Bhagirathapura) दूषित जल कांड (contaminated water scandal) को लेकर हाईकोर्ट (High Court) ने जांच आयोग (commission) का गठन किया था। आयोग ने संबंधित पक्षों से शिकायत और आपत्ति को लेकर कल की तारीख तय की थी, लेकिन पूरे देश में इस मुद्दे को लेकर हल्ला मचाने वाले कांग्रेस (Congress) संगठन की ओर से कोई भी आयोग के समक्ष नहीं पहुंचा। उलटा अध्यक्ष का कहना था कि हमें किसी ने बुलाया ही नहीं। वहीं एक कांग्रेस पदाधिकारी ने जरूर इस मामले में शिकायत कर दोषियों के खिलाफ सबूत दिए हैं, जिसको लेकर सुनवाई होना है।


  • इस घटना में 36 लोगों की मौत हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसके अलग-अलग कारण गिनाए हैं, जबकि स्थानीय लोगों का कहना हैं कि गंदा पानी पीने के बाद ही तबीयत बिगड़ी और लोगों की मौत हुई। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश और शहर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया था। यहां तक कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद भागीरथपुरा में पीडि़तों से मिलने गए थे। इस मामले में कोर्ट ने एक जांच आयोग बिठाया था, जिसकी कल आखरी तारीख थी। पूर्व न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में गठित भागीरथपुरा जांच आयोग के समक्ष कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश यादव ने 16 पेज के शिकायती आवेदन के माध्यम से आपत्ति ली है। इसमें विभिन्न बिंदुओं पर भागीरथपुरा कांड को लेकर सवाल उठाए हैं। इसमें विभिन्न लैबों में हुई पानी की जांच, पानी की गुणवत्ता, पानी में अत्यधिक क्लोरीन, पोटेशियम परमैंगनेट या अन्य ऑक्सीडाइजिंग एजेंट होना। उन्होंने नमूने इक_े करने से लेकर उसकी जांच पर भी सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही संदेहास्पद मृत्यु के मामलों में पोस्टमार्टम न कराना सीआरपीसी की धारा 174 एवं 176 की भावना के विपरीत है। यह समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) और न्याय तक समान पहुँच (अनुच्छेद 39्र) से भी जुड़ा गंभीर प्रश्न है। अब आयोग इस मामले में मिली शिकायतों की संबेधित पक्षों से पूछताछ करेगा और फिर अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौपेंगा।

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