
नई दिल्ली. रमज़ान (Ramazan) का पाक महीना चल रहा है और ईद-उल-फितर (eid ul fitr) आने वाली है. इस बीच पूरे देश में ईद की नमाज (Namaz ) को लेकर सियासी बयानबाज़ी शुरू हो गई है. सड़कों पर नमाज नहीं पढ़े जाने की मांग की जा रही है. दिल्ली (Delhi) के बीजेपी (BJP) विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि हमें किसी की नमाज से समस्या नहीं है लेकिन नमाज मस्जिद में पढ़िए. सड़क पर नमाज पढ़कर लोगों को परेशान न करें.
बीजेपी विधायक शिखा राय ने कहा, “सार्वजनिक स्थान पर जहां से लोगों को गुजरना है, वहां किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए. किसी भी राह चलते इंसान को असुविधा न हो. हर किसी को अपना धर्म मानने की आजादी है लेकिन अपने धर्म की आजादी अपने तक रखें, दूसरों को असुविधा न हो.”
बीजेपी विधायक तरविंदर मरवाह ने कहा, “नमाज तो मस्जिद में पढ़ी जाती है. कई जगह पर सड़क पर भी नमाज पढ़ते हैं लेकिन सड़क पर नमाज पढ़ी जाती है तो लोगों को असुविधा होती है. आम लोगों को परेशानी न हो, किसी को नमाज से समस्या नहीं है बस लोगों को असुविधा न हो. जहां नमाज पढ़ी जाती है, वहीं पर पढ़ें.
‘कभी मीट, कभी नमाज…’
आम आदमी पार्टी के विधायक चौधरी जुबैर अहमद ने कहा, “दिल्ली में सड़कों पर नमाज नहीं होती है. कुछ जगह सड़क पर मजबूरी में होती होगी क्योंकि कई बार मस्जिद में जगह नहीं होती है. रमजान चल रहा है, बीजेपी के पास कोई काम नहीं है. कभी मीट, कभी अजान, कभी नमाज पर बोलते रहते हैं.
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