वॉशिगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ग्रीनलैंड (Greenland) पर कब्जे की धमकी देकर उस यूरोप (European countries) को अपने खिलाफ एकजुट कर लिया है, जिसे अमेरिका का सहयोगी माना जाता है। यूरोपीय देशों के नेताओं ने खुलकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करना शुरू कर दिया है। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त इंपोर्ट टैक्स लगाने की धमकी दी है तो वहीं फ्रांस ने भी जवाबी ऐक्शन की धमकी दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि यदि अमेरिका ने ऐसा कोई कदम उठाया तो फिर हम भी ऐसी ही जवाबी कार्रवाई देंगे। इसके अलावा ट्रंप की आलोचना यूरोपीय नेता यह कहते हुए भी कर रहे हैं कि उन्होंने इंटरनेशनल कानूनों को प्रभावित किया है।
मैक्रों ने ट्रंप से लेकर व्लादिमीर पुतिन तक की लगाई क्लास
यही नहीं मैक्रों ने ट्रंप के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह भी साम्राज्यवादी विस्तार चाहते हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि 2024 में ही लगभग 60 जंग दुनिया भर में हुईं। इनमें से कुछ ही जंगें खत्म हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप किसी के आगे झुकेगा नहीं। यदि कोई हमारे खिलाफ टैरिफ लगाता है तो फिर हम भी जवाबी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि खेल के नियमों का पालन दूसरी तरफ से नहीं हो रहा है तो फिर हम ही ऐसा क्यों करें। हम भी सख्त कदम उठाने से हिचकेंगे नहीं।
ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए ट्रंप ने क्या दी है दलील
डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क के अर्धस्वायत्त इलाके ग्रीनलैंड को अमेरिकी कब्जे में लेने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि अमेरिका इस इलाके पर कंट्रोल नहीं करता है तो फिर रूस और चीन ऐसा कर सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। ग्रीनलैंड के पीएम जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल कानून कोई खेल नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप जैसा कर रहे हैं, वह दुनिया के सारे नियमों को तोड़ने वाला है। यदि ऐसा ही जारी रहा तो दुनिया में अलायंस टूट जाएंगे और यह बेहद खराब स्थिति होगी।
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