
बिश्केक । विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने रूसी और ईरानी विदेश मंत्रियों से संक्षिप्त मुलाकात की (Held brief meetings with Russian and Iranian Foreign Ministers) ।
किर्गिस्तान की राजधानी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस डेलिगेशन में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हैं। मंगलवार को उन्होंने रूसी और ईरानी समकक्षों संग हुई छोटी सी मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की। एक्स पोस्ट में जयशंकर ने लिखा, एससीओ समिट 2026 से इतर ईरान और रूस के विदेश मंत्रियों से छोटी सी मुलाकात हुई। विदेश मंत्री ने जो तस्वीरें साझा की हैं, वो बेहद खास हैं। पहली तस्वीर में रूसी विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ हैं, तो दूसरी तस्वीर में ईरानी समकक्ष के साथ सहज भाव में देखे जा सकते हैं।
इसके अलावा तजाकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन के साथ भी जयशंकर ने मुलाकात की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि हम दोनों के बीच काफी अच्छी बातचीत हुई। वहीं, भारत के विदेश मंत्री ने चीनी समकक्ष से की गई मुलाकात के बारे में लिखा कि पोलितब्यूरो सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मिलकर अच्छा लगा। 26वां शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन 1 सितंबर 2026 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित किया गया। यह सम्मेलन एससीओ की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित हुआ। इसका थीम स्थायी शांति, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर काम करना रखा गया।
शिखर सम्मेलन में शामिल प्रमुख शीर्ष नेताओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रहे। मंच पर जिनपिंग, पुतिन और पीएम मोदी की मुलाकात भी लाइमलाइट में रही। पुतिन और जिनपिंग के साथ पीएम मोदी ने अलग-अलग द्विपक्षीय बैठक भी की। एससीओ समिट में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की बात कही। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करने की वकालत की।
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