
जबलपुर। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मिलकर शहर में चल रहे अवैध पटाखा कारोबार की शिकायत दर्ज कराई। इस दल में एड. वेदप्रकाश अधौलिया, एड. प्रभात यादव, डीआर लखेरा, अशोक यादव, यशवंत कोष्टा, पीएस राजपूत, एड. अमर प्रकाश गुप्ता और राम मिलन शर्मा शामिल रहे। मंच ने बताया कि प्रशासन ने 02 नवंबर को केवल 260 व्यापारियों को अनुमति दी थी, लेकिन 400 से ज्यादा जगहों पर दुकानें सजाकर बारूद बेचा जा रहा है।
इस अनाधिकृत काम से लोगों की जान का संकट खड़ा हो गया है। कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेकर औचक जांच और सख्त कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं। विस्फोटक कानून के अनुसार पटाखों की बिक्री बंद डिब्बों में करना अनिवार्य है। इसके अलावा हर पैकेट पर वैध क्यूआर कोड की छपाई भी कानूनी तौर पर तय की गई है। जमीनी स्तर पर इन जरूरी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। खुले तौर पर आतिशबाजी सामग्री बेचकर प्रतिबंधित माल को खपाया जा रहा है। बाजार में पर्यावरण सुरक्षा का झूठा दावा करके नकली ग्रीन पटाखे बेचे जा रहे हैं। तय मंजूरी की आड़ में गैर-कानूनी विक्रेता सक्रिय होकर शहर की शांति और व्यवस्था को खुली चुनौती पेश कर रहे हैं। बिना अनुमति के चल रहा यह धंधा किसी भी वक्त बड़े हादसे की वजह बन सकता है। जिला दंडाधिकारी ने मंच के दिए साक्ष्यों पर तुरंत कदम उठाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि निगरानी दल लगातार सक्रिय है और पिछले दिन ही नियम तोडऩे वाले 6 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों को पूरे क्षेत्र में अचानक दबिश देकर गैर-कानूनी दुकानों को सील करने का जिम्मा सौंपा गया है।