
इंदौर। पश्चिमी रिंग रोड तकरीबन 39 किलोमीटर बनाने की तैयारिया चल रही है, जिसमें महू देपालपुर और सांवेर के किसाने की जमीन अधिग्रहण की गई है, जिसमें से ज्यादातर किसानों को मुआवजा भी मिल चुका है। किसान चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं, वहीं जमीन अधिग्रहण के लिए खड़ी फसल पर बुलडोजर चलाने का विरोध हो रहा है।
पीथमपुर से शिप्रा के तीन दर्जन गांवों के बीच से पश्चिम में रिंग रोड बना है। इसमें पुल पुलिया निर्माण का काम तो पहले ही शुरू हो चुका है। तीन दर्जन से ज्यादा गांव के किसानों को अधिग्रहण का मुआवजा भी उनके बैंक खातों में दिया जा चुका है कुछ ऐसे किसान बचे हैं, जिनकी जमीन मैं नामांतरण या अन्य दिक्कत रही है। रिंग रोड बनना है, वहां पर मार्किंग भी दो-तीन महीने पहले ही कर दी गई थी।
अनेक जगह पुल-पुलिया निर्माण का काम भी जारी है। फिलहाल बरलाई जागीर से जुड़े, बलौदा और कुछ अन्य गांव ऐसे हैं, जहां पर किसानों ने अधिग्रहण वाली जमीन पर फसल लगा दी थी। अब सडक़ निर्माण के लिए जगह साफ की जा रही है व बुलडोजर चलाया जा रहा है। किसान नाराज हो गए हैं। उनका कहना है कि एक महीने में फसल तैयार हो जाती। प्रशासन को कुछ इंतजार करना चाहिए, साथ ही किसान फसल नुकसानी के साथ गाइडलाइन से चार गुना मुआवाजें की मांग पर अभी भी अड़े हुए हैं। किसान नेता हंसराज मंडलोई ने कहा कि खड़ी फसल पर नुकसानी करना ठीक नहीं है। फसल नुकसान की भरपाई भी हाथोहाथ प्रशासन को देनी चाहिए।
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