
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली (South Delhi) के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे ने पूरी राजधानी को दहला कर रख दिया है। पेइंग गेस्ट (PG) के तौर पर इस्तेमाल हो रही ये बहुमंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं।
कोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की हालत बेहद दयनीय और खराब है। सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एनएचआरसी (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत
वहीं, पुलिस ने हॉस्टल के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तारी में ले लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 12 लोगों को बचाया गया है। इनमें 5 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेश पूरा हो चुका है।
ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था रेनोवेशन
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था। आरोप है कि बिना सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे पिलर और दीवारों से छेड़छाड़ की जा रही थी, जिससे पूरी इमारत का ढांचा बेहद कमजोर हो गया और वो अचानक ढह गई।
5 अफसर सस्पेंड
इस हादसे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम ने 5 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें MCD में साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, साउथ जोन के SE रणवीर सिंह, साउथ जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार, साउथ जोन के अस्सिटेंट इंजीनियर (बिल्डिंग), सुनील चौहान साउथ जोन के जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) और आशीष कुमार शामिल हैं।
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