
डेस्क: ईरान की संसद ने होर्मुज पर कंट्रोल के लिए 12 प्वॉइंट का एक बिल तैयार किया है. संसद से मुहर लगने के बाद ईरान कानूनन तरीके से होर्मुज पर कंट्रोल कर सकेगा. यह मसौदा ऐसे वक्त में तैयार किया गया है, जब अमेरिका ईरान के साथ समझौते का प्रयास कर रहा है. इसके लागू होने से सबसे ज्यादा नुकसान इजराइल और उसके करीबी देशों को होगा, जिसमें ग्रीस, यूएई, सोमालीलैंड शामिल हैं.
मेहर न्यूज के मुताबिक ईरान ने जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसमें होर्मुज को अपना हिस्सा बताया है. इस प्रस्ताव में कहा गया है कि जिन देशों ने जंग में अमेरिका को नुकसान पहुंचाया है, उसके जहाजों को होर्मुज से गुजरने की मंजूरी नहीं दी जाएगी. इजराइल के दोस्त देश को अपने जहाज ले जाने के लिए ईरान की सर्वोच्च परिषद से इजाजत लेनी होगी.
प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर जहाज ने होर्मुज से गुजरने के दौरान किसी भी नियमों का उल्लंघन किया तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा. इसके बाद जहाज को ईरान के बंदरगाह पर ले जाया जाएगा, जहां से उसके 20 प्रतिशत सामानों को चुंगी के तौर पर उतार लिया जाएगा. इसके बाद जहाज को गंतव्य की ओर जाने दिया जाएगा.
ईरान के सांसद मोहम्मद रजा रेजायी कूची के मुताबिक जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए ईरानी रियाल में टोल देना होगा. इसके लिए कितने पैसे लिए जाएंगे, यह जहाज को देखकर तय किया जाएगा. कूची से जब पूछा गया कि आप किन देशों को अपना दुश्मन मानते हैं? इस पर उनका जवाब था- जो देश फारस की खाड़ी को सही से नहीं लिखते हैं.
ईरान सरकार ने जो नया मसौदा तैयार किया है, उसमें कहा गया है कि जो भी जहाज ओमान सीमा के करीब से गुजरेंगे, उनसे कोई टोल नहीं लिया जाएगा. हालांकि, इस रास्ते से जहाजों के लिए गुजरना आसान नहीं है. क्योंकि, ओमान के किनारे फारस की खाड़ी में पानी कम है और वह उथला भाग है. इसके अलावा जिन देशों को ईरान अपना मित्र देश मानता है, उसके जहाजों से कोई टोल नहीं वसूलता है. मसलन, भारत और चीन जैसे देशों के जहाजों से कोई टोल नहीं लिया गया है.
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