
जमशेदपुर । झारखंड (Jharkhand) के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन Champai Soren() की मुश्किलों बढ़ने वाली हैं। चंपाई लगभग 33 साल पुराने बम विस्फोट के एक मामले (Bomb blast case) में मंगलवार को चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए, जहां उनपर और उनके सहयोगियों पर आरोप तय किया गया। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 1993 का है। चंपाई सोरेन के अलावा श्याम नंदन टुडू उर्फ डॉक्टर टुडू और अरुण महतो के खिलाफ भी विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4, 5 और 6 के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (साजिश) और 201 (साक्ष्य छिपाना) के तहत आरोप तय किए गए हैं। सुनवाई के दौरान चंपाई सोरेन ने कोर्ट के समक्ष खुद को निर्दोष बताया और मामले में ट्रायल का सामना करने की बात कही।
क्या बोले चंपाई सोरेन
33 साल पुराने बम विस्फोट मामले में आरोप तय होने के बाद चंपाई सोरेन ने कहा कि यह मामला कोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया में है। माननीय न्यायालय का हम सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करना ठीक नहीं है। कोर्ट का निर्णय ही सर्वोपरि है।
कौन हैं चंपाई सोरेन
चंपाई सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 2024 में चुनावों से पहले जब हेमंत सोरेन जेल गए तो सीएम पद के लिए अपने सबसे विश्वसनीय जेएमएम नेता को चुना। तब चंपाई सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने और हेमंत सोरेन के जेल से आने के बाद दोनों के बीच मनमुटाव साफ देखने को मिला। दोनों के बीच की खाई इतनी गहरी हुई कि चंपाई ने जेएमएम का साथ छोड़कर चुनावों से ठीक पहले भाजपा का हाथ थाम लिया।
चंपाई सोरेन झारखंड की सरायकेला विधानसभा सीट से 7 बार के विधायक हैं और एक बार कुछ महीनों के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। फिलहाल चंपाई भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं।
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