
नई दिल्ली । देशभर में कई राज्यो में चुनाव आयोग (election Commission) स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करवा रहा है। प्रक्रिया को लेकर बहुत सारे लोगों ने सवाल भी खड़े किए हैं। कई लोगों का कहना है कि जरूरी फॉर्म भरने के बाद भी उनको अपनी पहचान साबित करने के लिए पेश होने का नोटिस भेजा गया है। भारतीय नौसेना (Indian Navy) के पूर्व प्रमुख ऐमिरल अरुण प्रकाश (रिटायर्ड) ने भी अपनी आपबीती बताते हुए एसआईआर की प्रक्रिया पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा. अगर एसआईआर फॉर्म में लोगों की जानकारी को ठीक से नहीं देखा जा रहा है तो इसमें सुधार की जरूरत है। पूर्व नौसेना प्रमुख ने कहा कि फॉर्म भरने के बाद भी चुनाव आयोग की टीम ने उनको और उनकी पत्नी को दफ्तर में पेश होकर पहचान साबित करने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा, मुझे और मेरी पत्नी को अलग-अलग नोटिस मिले हैं और कहा गया है कि दफ्तर में हाजिर होकर अपनी पहचान साबित करें। उन्होंने कहा कि आखिर यह प्रक्रिया किस तरह की है। अगर एसआईआर फॉर्म से सभी जानकारियां नहीं मिल रही हैं तो इसमें बदलाव करें। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तीन बार उनके घर आया और अगर किसी अन्य दस्तावेज की जरूरत थी तो उसे तभी मांग लेना चाहिए था।
ऐडमिरल अरुण प्रकाश ने आगे कहा, मेरी उम्र 82 साल और पत्नी की उम्र 78 साल है। दोनों को अलग-अलग तारीख पर अलग-अलग जगह पर पेश होने को कहा गया है। इसके बीच 18 किलोमीटर की दूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक ऐडमिरल अरुण प्रकाश को 17 जनवरी और उनकी पत्नी कुमकुम को 19 जनवरी को बुलाया गया है।
2/2 May I point out to @ECIVEEP that (a) if the SIR forms are not evoking reqd info they should be revised; (b) the BLO visited us 3 times & could have asked for additional info; (c) we are an 82/78 yr old couple & have been asked to appear on 2 different dates 18 km away!!
— Adm. Arun Prakash (@arunp2810) January 11, 2026
ईसी के अधिकारी नहीं माने तो क्या होगा- ऐडमिरल प्रकाश
ऐडमिरल प्रकाश ने कहा कि वह कोई अलग से स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा, मुझे खास समझकर अलग से सुविधा ना दें। मुझे रिटायर हुए 20 साल से ज्यादा हो गए हैं। मैंने और मेरी पत्नी ने अच्छी तरह फॉर्म भरा था और इस हिसाब से गोवा की निर्वाचन सूची में मेरा नाम होना चाहिए था। बता दें कि ऐडमिरल अरुण प्रकाश ने नौसेना में 4 दशक तक अपनी सेवाएं दीं और वह नौसेना प्रमुख के पद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी पहली पोस्टिंग 1968 में गोवा में हुई थी। उन्होंने कहा, दिक्कत यह है कि अगर मैं चुनाव आयोग के अधिकारियों को संतुष्ट नहीं कर पाया तब क्या होगा?
एक अन्य रिटायर्ड अधिकारी को मिला था ऐसा ही नोटिस
दक्षिण गोवा से सांसद और रिटायर्ड नौसेना अधिकारी विरियातो फर्नांडीज को भीइसी तरह का नोटिस मिला था। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने से पहले ही आयोग ने उनकी पूरी जांच पड़ताल की थी। उन्होंने कहा कि 1989 से ही उनका नाम वोटर लिस्ट में था।
क्यों चल रहा है एसआईआर
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को साफ सुथरी करने और डुप्लीकेट और मृत व्यक्तियों की पहचान करने के लिए यह पूरी प्रक्रिया हो रही है। बिहार में चुनाव से पहले वहां एसआईआर करवाया गया। इसके बाद 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से ज्यादातर राज्यों में चुनाव होने हैं।
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