
नई दिल्ली। जनवरी में टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड के ऐलान के समय संजू सैमसन (Sanju Samson) के फैंस बेहद उत्साहित थे। चयनकर्ताओं ने बड़ा फैसला लेते हुए शुभमन गिल (Shubman Gill) को बाहर कर दिया था और सैमसन के लिए रास्ता लगभग साफ नजर आ रहा था। ईशान किशन को बैकअप विकेटकीपर-ओपनर के तौर पर चुना गया था। लेकिन टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ सीरीज ने तस्वीर बदल दी।
उस सीरीज में सैमसन पांच पारियों में 30 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए। एक गोल्डन डक समेत तीन बार वह सिंगल डिजिट पर आउट हुए। तिलक वर्मा के चोटिल होने के बाद ईशान किशन को नंबर-3 पर मौका मिला और टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव हुआ। नतीजा यह रहा कि टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने सैमसन को बेंच पर बैठाकर ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की।
वेस्टइंडीज के खिलाफ बदली किस्मत
हालांकि समय ने करवट ली। कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर ने टीम संयोजन में बदलाव करते हुए रिंकू सिंह की जगह सैमसन को मौका दिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ माने जा रहे मुकाबले में सैमसन ने नाबाद 97 रन ठोककर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई और आलोचकों को करारा जवाब दिया।
गंभीर बोले- संजू में है खास टैलेंट
मैच के बाद गौतम गंभीर ने कहा, “संजू वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी है। हमें बस उसे सपोर्ट करना था। जब टीम को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, उसने अपना असली पोटेंशियल दिखाया। उम्मीद है यह उसके लिए नई शुरुआत साबित होगी।”
गंभीर ने आगे कहा कि सैमसन ने पारी के दौरान कभी जल्दबाजी नहीं की और सामान्य क्रिकेटिंग शॉट्स से रन बनाए। “मैंने उसे ताकत से गेंद मारते हुए भी नहीं देखा, उसमें नैसर्गिक टैलेंट है। जब खिलाड़ी को पता होता है कि मैच उसके कंट्रोल में है, तो वह अपनी स्किल बेहतर तरीके से दिखा पाता है।”
उन्होंने यह भी माना कि न्यूजीलैंड सीरीज सैमसन के लिए कठिन दौर था, लेकिन टीम को उसके टैलेंट पर हमेशा भरोसा था। “लोग स्कोरकार्ड देखते हैं, लेकिन टीम में वापसी कर 23-24 जैसी पारियां खेलना भी आत्मविश्वास बढ़ाता है। हमें पता था कि उसमें क्या क्षमता है,” गंभीर ने कहा।
संजू सैमसन की यह पारी न सिर्फ उनकी वापसी की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि मुश्किल दौर के बाद मौका मिलने पर खिलाड़ी कैसे खुद को साबित कर सकता है।
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