
इंदौर। कोरोना काल में इंदौर सहित प्रदेश के सरकारी दफ्तरों को हफ्ते में 5 दिन खुले रखने का निर्णय लिया था, जो फिर बाद में निरंतर जारी रहा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वल्लभ भवन की तो जांच करवाई। साथ ही निर्देश दिए कि सभी सरकारी दफ्तरों में समय पर अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहें और उनकी उपस्थिति की नियमित जांच भी हो। लिहाजा अब सुबह 10 से शाम 6 बजे तक सोमवार से शुक्रवार तक सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे और अधिकारियों-कर्मचारियों की हाजरी फेस स्कैन, कार्ड पंचिंग और मोबाइल एप के जरिए लगेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग ने 8 अप्रैल 2021 को एक आदेश कोरोना काल में जारी किया था, जिसमें हफ्ते में 5 दिन ही सरकारी दफ्तर खुले रखने के निर्देश दिए गए। पहले, दूसरे और तीसरे शनिवार को अवकाश रहता था और हफ्ते में 6 दिन दफ्तर लगते थे। मगर केन्द्र की तर्ज पर राज्य शासन ने भी इस व्यवस्था को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया और पहले दफ्तरों का समय सुबह साढ़े 10 से साढ़े 5 किया गया था, उसे अब संशोधित कर सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कर दिया है। यानी इतने तय समय में अधिकारियों-कर्मचारियों को सोमवार से शुक्रवार तक दफ्तरों में मौजूद रहना पड़ेगा और शनिवार के साथ रविवार का अवकाश मिलेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने तीन में से किसी एक विकल्प के जरिए हाजरी लगाने के भी निर्देश दिए हैं, जिसमें आधार आधारित फेस अटेंडेंस सिस्टम भी है, जिसमें मशीन के सामने चेहरा करने पर स्कैन हो जाता है और डाटाबेस से मैच होते ही कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज हो जाती है। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों के प्रवेश द्वार पर कार्ड पंच मशीनें भी लगाई गई है, जिसमें आईडी कार्ड को पंच कर हाजरी दर्ज कराई जा सकती है। चूंकि मोबाइल के जरिए आज-कल सभी काम होने लगे इसलिए एप के माध्यम से भी हाजिरी की सुविधा दी गई है। इंदौर में भी कलेक्टर ने पिछले दिनों सरकारी दफ्तरों की आकस्मिक जांच कराई थी और गायब कर्मचारियों को नोटिस भी थमाए गए।
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