
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े निजी बैंकों (Largest Private Banks) में से एक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) से बड़ी खबर सामने आई है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में बैंक के कुछ कामकाज और प्रथाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस खबर के बाद आज एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर प्रेशर दिख सकता है। बुधवार को एचडीएफसी बैंक के शेयर 0.40 प्रतिशत टूटकर 842 रुपये पर बंद हुए थे।
“मेरे मूल्यों से मेल नहीं खाती कुछ बातें”
अतनु चक्रवर्ती ने 15 मार्च को दिए अपने इस्तीफे में लिखा कि पिछले दो वर्षों में बैंक में कुछ ऐसी घटनाएं और प्रक्रियाएं देखी गईं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। उन्होंने साफ कहा कि यही उनके इस्तीफे की मुख्य वजह है और इसके अलावा कोई अन्य कारण नहीं है।
HDFC Bank ने क्या कहा?
बैंक ने 18 मार्च को आधिकारिक रूप से इस इस्तीफे की पुष्टि की। बैंक के अनुसार इस्तीफे के पीछे वही कारण हैं, जो चक्रवर्ती ने बताए। उनके कार्यकाल के योगदान के लिए धन्यवाद भी दिया गया।
अहम दौर में संभाली थी जिम्मेदारी
अतनु चक्रवर्ती मई 2021 में बोर्ड से जुड़े थे और उनके कार्यकाल में बैंक ने एक बड़ा बदलाव देखा। इसी दौरान HDFC Bank और HDFC Ltd का मर्जर हुआ, जिससे बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा लेंडर बन गया। हालांकि, चक्रवर्ती ने यह भी संकेत दिया कि इस मर्जर का पूरा फायदा अभी सामने आना बाकी है।
गवर्नेंस पर उठे सवाल
हालांकि उन्होंने किसी खास मुद्दे का जिक्र नहीं किया, लेकिन “एथिक्स” और “प्रैक्टिसेस” को लेकर उनकी टिप्पणी ने बैंक की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब बड़े वित्तीय संस्थानों की गवर्नेंस पर पहले से नजर रखी जा रही है।
नए चेयरमैन की नियुक्ति
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केकी मिस्त्री को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति 19 मार्च 2026 से 3 महीने के लिए प्रभावी होगी।
कर्मचारियों और टीम की तारीफ भी की
अपने इस्तीफे में चक्रवर्ती ने बैंक के कर्मचारियों, खासकर मिड और जूनियर लेवल स्टाफ की ऊर्जा और काम के प्रति उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि यही टीम भविष्य में बैंक को नई दिशा दे सकती है। बता दें HDFC Bank में यह इस्तीफा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिसने कॉर्पोरेट गवर्नेंस और आंतरिक प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर निवेशकों और बाजार की नजर बनी रहेगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved