नई दिल्ली। उत्तर भारत में ठंड (Cold weather in North India) बढ़ते ही बंद कमरे में हीटर और अंगीठी (Heaters and braziers) की वजह से मौतों की खबरें भी आने लगती हैं। पंजाब के तरनतारन में बंद कमरे में अंगीठी रखकर सोए दंपती और उनके एक महीने के बच्चें की मौत हो गई। गांवों में लोग अकसर अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं और कई बार इसे चारपाई के नीचे रख लेते है। अगर कमरा बंद होता है तो अंगीठी से निकलने वाला धुआं साइलेंट किलर बन जाता है। हीटर और ब्लोअर भी कम खतरनाक नहीं है। कई बार सोते हुए ही लोगों की मौत हो जाती है और वे छटपटाते नहीं हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड साइलेंट किलर का काम करती है। यह गैस नाक के रास्ते खून तक पहुंच जाती है और फिर चुपचाप मार देती है।
हाल ही में दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में डीएमआरसी में काम करने वाले इंजीनियर उनकी पत्नी और 10 साल की बेटी जान्हवी की मौत हो गई। रिपोर्ट में बताया गया कि उन्होंने सोने से पहले हीटर जलाया था और यह शॉर्ट सर्किट की वजह से फट गया। कमरे में धुआं भर गया और पूरे परिवार की मौत हो गई। सुबह लोगों ने देखा तो सभी बिस्तर पर मरे पड़े थे। उनको देखकर लगता था कि जान बचाने के लिए उन्होंने हाथ-पांव भी नहीं ममारे।
इसी तरह बिहार के गयाजी में 60 साल की महिला अपने दो पोतों के साथ सोई थी। उसने कमरे में अंगीठी रखी थी। रात में तीनों की मौत हो गई। श्रीनगर में ऐजाज अहम भट, उनकी पत्नी और तीन बच्चे इसी तरह की अनहोनी की भेंट चढ़ गए। उन्होंने रात में अपने कमरे में ब्लोअर चलाया था।
मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक कार्बनमोनोऑक्साइड साइलेंट किलर होती है। इसमें कोई गंध भी नहीं होती है। बंद कमरे में किसी चीज क जलाने से कार्बनडाइऑक्साइड और कार्बनमोनोऑक्साइड कमरे में भर जाती है। इस खतरे का अंदाजा किसी को नहीं चल पाता है। गैस का असर होने पर लोग गहरी नींद में चले जाते हैं।
क्या सावधानी रखनी चाहिए?
एक डॉक्टर ने कहा कि हीटर और ब्लोअर के और भी नुकसान है। यह कमरे की आर्द्रता खत्म कर देता है। इसके बाद नाक, गला और त्वचा सूखने लगते हैं। अस्थमा या फिर एलर्जी वाले लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। जानकारों का कहना है कि बंद कमरे में हीटर या फिर अंगीठी नहीं जलानी चाहिए। कई बार अगर हीटर जलाना जरूरी हो तो कमरे में खुले बर्तन में पानी भी रखना चाहिए। घर और कमरे में सीओ मॉनिटरिंग सेंसर भी लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा हीटर या अंगीठी का इस्तेमाल ऐसी जगह पर किया जाए जहां से हवा का आना जाना बना रहे।
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