भोपाल। भोपाल समेत मध्य प्रदेश में शिया समुदाय ने इस वर्ष (Eid al-Fitr) का जश्न न मनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला (Ali Khamenei) के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए लिया गया है। समुदाय के प्रतिनिधियों के मुताबिक इस साल ईद सादगी के साथ मनाई जाएगी और पारंपरिक उत्सव नहीं होगा।
All India Shia Samaj के प्रदेश अध्यक्ष Iftikhar Ali ने बताया कि प्रदेश में करीब 4,000 शिया परिवार रहते हैं और सभी ने इस बार ईद सादगी से मनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि लोग नए कपड़े नहीं पहनेंगे और न ही किसी तरह का जश्न मनाया जाएगा।
उनके अनुसार, समुदाय के लोग केवल ईद की नमाज अदा करेंगे और खामेनेई की याद में शांतिपूर्वक इबादत करेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इस दौरान कोई विरोध प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
इन जिलों में रहती है शिया आबादी
मध्य प्रदेश में शिया समुदाय की आबादी मुख्य रूप से Jabalpur, Indore, Vidisha, Ujjain, Burhanpur, Narmadapuram और Ratlam सहित कई जिलों में रहती है।
ईद का धार्मिक महत्व
ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के समाप्त होने का प्रतीक है और इस्लाम के प्रमुख त्योहारों में से एक है। आमतौर पर इसकी शुरुआत सामूहिक नमाज से होती है, जिसके बाद लोग एक-दूसरे से मिलते हैं, तोहफे देते हैं और मिलकर भोजन करते हैं।
नए नेता के स्वास्थ्य पर ईरान का बयान
इस बीच Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei के स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और मजबूती से देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 1 मार्च को ईरान के सरकारी टीवी ने 86 वर्षीय अली खामेनेई के निधन की घोषणा की थी। इसके बाद मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था। विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि देश में सरकार और सेना के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है और हालात पूरी तरह स्थिर हैं।
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