
इंदौर। जिला जेल में बंद रहे एक शख्स को जेल के अंदर इतनी यातनाएं नहीं मिलीं, जितना बड़ा दु:खों का पहाड़ जेल से छूटने के बाद घर जाते ही उस पर टूटा। वह जैसे ही घर पहुंचा तो उसके घर पर ताला लगा था। उसकी पत्नी-बच्चे भी लापता थे। उसका आरोप है कि जेल में जब पत्नी मिलने आती थी तो जेल के बाहर मिले एक जिहादी ने उसे ऐसा बरगलाया कि उसका घर ही तोड़ दिया। इस पति पर रात को हमला भी हुआ। हमलावर को हिंदूवादियों ने पकडक़र पुलिस को सौंपा।
महावर नगर के रहने वाले एक शख्स पर रात को भंवरकुआं चौराहे पर हमला हुआ। उसे दो लोग गाड़ी में बैठाकर जबरदस्ती ले जा रहे थे। हिंदूवादियों ने इस शख्स को छुड़ाया और हमलावर मुस्तकीम को पकडक़र पुलिस को सौंपा। उसका एक साथी भाग गया। महावर नगर के रहने वाले इस शख्स का कहना है कि वह जालसाजी के एक मामले में जेल गया था। जब वह जेल से छूटकर घर पहुंचा और पत्नी-बच्चे नहीं मिले तो पत्नी के मोबाइल पर कई बार संपर्क किया। एक बार फोन लगाने पर मुस्तकीम ने फोन उठाया। इसके बाद उसने कहा कि तुम्हारी बीवी को अब भूल जाओ। मैंने तेरी बीवी से निकाह कर लिया। तेरे बच्चे भी अब मेरे बच्चे हैं।
पीडि़त पति का कहना है कि उसने कई बार मिन्न्नतें की कि उसकी पत्नी और बच्चों से उसे मिला दिया जाए, लेकिन हर बार सामने वाला मुस्तकीम उसे टालता रहा। एक बार वह राजी हुआ और उसने कल रात को भंवरकुआं चौराहे पर मिलने के लिए बुलाया। कल रात को पीडि़त पति जैसे ही चौराहे पर गया तो मुस्तकीम एक साथी के साथ खड़ा था। उसे देखकर दोनों ने उसके साथ मारपीट की, नुकीली वस्तु से हमला भी किया। इसके बाद जबरदस्ती गाड़ी पर बैठाकर आजाद नगर ले जाने लगे। इसके बाद हिंदू संगठन वाले वहां पहुंच गए और मुस्तकीम को पकड़ लिया। उसका साथी भाग गया। मुस्तकीम को भंवरकुआं पुलिस के हवाले कर दिया गया। मुस्तकीम पर पीडि़त ने आरोप लगाया कि वह आजाद नगर के किसी इमरान और हैदर के इशारे पर काम करता है। जब पत्नी उससे जेल में मिलने आती थी तो मुस्तकीम ने जेल के बाहर से पत्नी को बरगलाकर पति को छुड़ाने का भरोसा दिया और फिर लव जिहाद के खेल में फंसाया। भंवरकुआं पुलिस मामले की जांच में लगी है।
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