
इंदौर। इंदौर एयरपोर्ट की 250 करोड़ रुपए कीमत की सवा लाख स्क्वेयर फीट जमीन पर कब्जा हो गया है। इस मामले में शिकायत प्राप्त होने के बाद विमानतल प्रबंधन द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से सर्वे कराया गया तो यह हकीकत सामने आई।
पिछले दिनों एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास कांग्रेस नेता प्रमोद द्विवेदी द्वारा शिकायत की गई थी कि एयरपोर्ट के लिए अधिगृहीत की जा चुकी जमीन पर कब्जा हो रहा है। पुराने टर्मिनल को इस समय जब शुरू करने की तैयारी की जा रही है, तब इस टर्मिनल के बाहर की जमीन पर कब्जा करते हुए वहां व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इस शिकायत के आधार पर एयरपोर्ट प्रबंधन और जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में स्पष्ट हुआ कि यहां 250 करोड़ रुपए कीमत की सवा लाख स्क्वेयर फीट जमीन पर कब्जा हो गया है।
पुराने टर्मिनल भवन सामने पंचशील नगर के पास से आगे तक, बाबू मुराई कालोनी से आगे तक एयरपोर्ट की जमीन थी। इस पर सूचना पटल भी लगा था तो पंचशील नगर से चौरसिया नगर तक कंपाउंड दीवार बनाई गई थी। यह दीवार आज भी मौजूद है। कालोनाइजर ने अतिक्रमण करके इस जमीन को अपने प्लाट का भाग बताकर बेचा और किराए पर दिया है। बोरवेल से लेकर अन्य रेस्टोरेंट के सामने सारी जगह एयरपोर्ट की है। इनमें से कई लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया है। वहां विद्युत मंडल की ग्रिड और पेट्रोल पंप के पास की जमीन पर भी कब्जा किया गया है। एयरपोर्ट प्रबंधन और प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में कब्जे की पूरी हकीकत सामने आ गई है। अब एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा एक पत्र लिखकर प्रशासन से इस कब्जे को हटाने का आग्रह किया गया है।
तार फेंसिंग कर बोर्ड लगा दो
इसी बीच एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने बताया कि इस जमीन पर 2008 से लेकर अभी तक लगातार कब्जा होते जा रहा है। हम प्रशासन से इस कब्जे को हटाने के लिए आग्रह कर रहे हैं। इसके साथ ही हमने अपने इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि इस पूरे क्षेत्र में एयरपोर्ट की जमीन पर तार फेंसिंग कर दी जाए और जगह-जगह पर बोर्ड लगा दिया जाए, जिससे कि लोगों को मालूम पड़ जाए कि यह जमीन एयरपोर्ट की है।
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