
इंदौर। इंदौर (Indore) में यूजीसी (UGC) के नए कानून ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी फॉर हायर एजुकेशन रेगुलेशन 2026’ को लेकर विरोध की आग तेज हो गई है। राजपूत करणी सेना (Karni Sena) ने इस कानून (La) को भेदभावपूर्ण बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक अनोखा तरीका चुना और सार्वजनिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया।
मुख्य बिंदु
विवाद की जड़: यूजीसी का नया कानून उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी (SC), एसटी (ST) और ओबीसी (OBC) वर्गों के साथ होने वाले भेदभाव को रोकने और उन्हें समान अवसर देने के लिए बनाया गया है।
करणी सेना का रुख: संगठन का मानना है कि इस कानून के कुछ प्रावधान अन्य वर्गों के हितों को प्रभावित कर सकते हैं। इसी के विरोध में उन्होंने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पढ़कर अपना विरोध जताया।
इस्तीफे से मची हलचल: इस कानून का विरोध केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। खबर है कि बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने भी इस रेगुलेशन के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।
व्यापक असर: इंदौर के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी इस कानून को लेकर बहस छिड़ गई है। जहाँ एक पक्ष इसे सामाजिक न्याय के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे मेरिट और समानता के सिद्धांतों के खिलाफ मान रहा है।
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