
विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा, १५ मई तक चलेगा अभियान
इंदौर। नए शिक्षण सत्र (New Academic Session) के लिए प्रवेश प्रक्रिया स्कूलों में शुरू होगी, जिसके चलते विद्यार्थियों (Students) के आधार कार्ड (Aadhaar Cards) बनाने के लिए भी विशेष शिविर (Special Camp) स्कूलों ( Schools) में ही लगवाए जा रहे हैं। 1 अप्रैल से 15 मई तक ये शिविर लगेंगे, जिसमें बच्चों के नए आधार कार्ड बनाने के साथ पुराने कार्ड में संशोधन या सुधार भी किया जाएगा। इसके लिए 500 से अधिक ऑपरेटरों की नियुक्ति की जा रही है, जो आधार कार्ड बनाने में सहयोग करेंगे। राज्य शिक्षा केन्द्र और स्कूल शिक्षा विभाग ने यूआईडीएआई के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए आधार, अब स्कूल के द्वार अभियान चलाना शुरू किया है। गत वर्ष भी 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने आधार अपडेट करवाए थे।
विद्यार्थियों को आधार कार्ड बनवाने के लिए इधर-उधर भटकना ना पड़े, लिहाजा यह सुविधा स्कूलों में ही दी जा रही है। नामांकन, अपडेशन के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। गत वर्ष भी 18 अगस्त से 31 अक्टूबर तक दो चरणों में यह अभियान चलाया था, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लाभ उठाया और अब दूसरा अभियान 1 अप्रैल से शुरू किया जा रहा है। 500 से अधिक ऑपरेटरों की तैनाती भी इस कार्य के लिए की जा रही है। सभी स्कूलों के प्राचार्यों को भी कहा गया है कि वे यूडीआईएसई प्लस पोर्टल पर ऐसे विद्यार्थियों की सूची अपडेट करें जिनका आधार बायोमैट्रिक अपडेट लम्बित है। बच्चों के लिए दो बार बायो मैट्रिक अपडेट जरूरी रहता है। पहला 5 साल की उम्र में और दूसरा 15 साल की उम्र में। 15 से 17 साल के बीच यह अपडेट मुफ्त और उसके बाद शुल्क देना रहता है। अपडेटेड आधार कार्ड, स्कूल एडमिशन, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं के लिए आवश्यक है। इससे छात्रों की अपार आईडी बनाना भी आसान रहता है, जिसमें उनके सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित हो जाते हैं। इसके पहले इस तरह के अभियान में प्रदेश के 2 हजार से अधिक स्कूलों में शिविर लगाए गए थे, जिसके माध्यम से लगभग 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने आधार अपडेट कराए। सरकार का भी उद्देश्य भी है कि इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ प्राप्त कर सकें, क्योंकि आधार अपडेशन या नया बनाने के लिए विद्यार्थियों को इधर-उधर भटकना पड़ता है और समय भी नष्ट होता है और पालक अलग परेशान रहते हैं। स्कूलों में ही शिविर लगा देने से बच्चों के साथ पालकों को भी आसानी रहती है और एक ही जगह आसानी से नए आधार कार्ड बनाने से लेकर अपडेशन या अन्य कार्य भी हो जाते हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के साथ समन्वय कर यह सुविधा शुरू की गई है। आधार शिविरों की जानकारी के लिए सभी जिलों में पिन कोडों की मदद ली जा सकती है और सरकारी स्कूलों को शिविरों के लिए इन पिन कोडों के आधार पर ही चुना गया है।
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