
इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित जलप्रदाय होने से 23 लोगों की मौत हो जाने की घटना से इंदौर नगर निगम द्वारा सबक लिया जा रहा है। अब निगम ऐसी व्यवस्था कर रहा है कि शहर में हर पानी की टंकी पर पानी की जांच की जाएगी। इसके लिए केमिस्ट की नियुक्ति का फैसला आज लिया जा रहा है।
भागीरथपुरा जैसी घटना अब इंदौर शहर में कभी भी किसी भी क्षेत्र में नहीं हो यह सुनिश्चित करने की कोशिश चल रही है। इस कोशिश के तहत एक ओर जहां शहर का वाटर ऑडिट करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए आईआईटी इंदौर को प्रस्ताव भेजा गया है, वहीं दूसरी तरफ अब शहर में पानी की हर टंकी पर पानी की जांच को रूटीन के कार्य में शामिल किया जा रहा है। इसके लिए इंदौर नगर निगम द्वारा केमिस्ट की नियुक्ति का फैसला आज लिया जा रहा है। आज आयोजित की जा रही महापौर परिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा गया है।
निगम नहीं देगा मुआवजा
भागीरथपुरा की घटना में मृत व्यक्तियों को इंदौर नगर निगम की ओर से कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। इस बारे में कुछ पार्षदों द्वारा महापौर पुष्यमित्र भार्गव से चर्चा की गई थी। इस पर महापौर का कहना था कि इंदौर नगर निगम द्वारा कभी भी इस तरह से मुआवजा देने की कोई परंपरा नहीं है। ऐसे में यह कर पाना संभव भी नहीं है। अलबत्ता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हर मृतक के परिवार को 200000 का मुआवजा देने की घोषणा की जा चुकी है और अधिकांश परिवारों को यह मुआवजा भी मिल चुका है। ऐसे में अब अलग से नगर निगम की ओर से भी मुआवजा देने की पहल करना उचित नहीं रहेगा।
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