
इंदौर। प्रदेश सरकार ने जहां 3 के साथ 4 मार्च को भी अवकाश घोषित कर दिया है, जिसमें सभी सरकारी दफ्तर और स्कूलों की छुट्टी रहेगी। वहीं होलिका दहन को लेकर अवश्य भ्रम की स्थिति रही, जिसके चलते आज और कल भी दहन के शुभ मुहूत्र्त बताए गए हैं। हालांकि पूरा शहर 4 मार्च को ही धुलेंडी मनाएगा, जिसमें रंग और गुलाल से होली खेली जाएगी और फिर 8 मार्च को रंगपंचमी मनेगी। दोनों दिन आबकारी विभाग द्वारा ड्राय-डे भी घोषित किया गया है और अवैध शराब की धरपकड़ भी की जाएगी। आज शाम राजवाड़ा पर सरकारी होली भी जलाई जाएगी।
भद्रा और ग्रहण के चलते इस बार होली दहन को लेकर पंडितों और ज्योतिषियों की अलग-अलग राय रही। हालांकि आज भी शहर में होलिका दहन किया जा रहा है। वहीं होलकर परिवार की भी सरकारी होली राजवाड़ा पर आज शाम ही जलेगी। इसके साथ ही शहरभर में फाग उत्सव के आयोजन भी चल रहे हैं, तो बाजार में पिचकारी, रंग, गुलाल सहित अन्य सामग्रियों की दुकानें लग गई है। होलिका दहन भले ही दो दिन आज और कल किया जा रहा हो, मगर इंदौर सहित पूरे प्रदेश में 4 मार्च को ही धुलेंडी मनाई जा रही है। पहले शासन ने 3 मार्च का अवकाश घोषित किया था, जिसके बाद चार मार्च को भी छुट्टी की सुविधा दी गई।
आबकारी विभाग द्वारा हर साल धुलेंडी और रंगपंचमी पर शराब दुकानों-बारों को बंद रखवाता है। इस बार भी 4 मार्च और 8 मार्च को ड्राय-डे रहेगा। होली पर हालांकि भांग और ठंडाई की खपत भी बढ़ जाती है। वहीं पुलिस प्रशासन ने होली और रमजान के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैठकें ली है और हुड़दंगियों पर कार्रवाई करने की बात भी कही है। अभी दो दिन पहले पुलिस कमिश्रर-कलेक्टर ने गोराकुंड चौराहा से राजवाड़ा मार्ग का निरीक्षण भी किया। रंगपंचमी पर ये गेर परम्परागत रूप से निकलती आई है। लिहाजा गेर और सम्पर्क मार्गों पर जरूरी पेंचवर्क करते हुए अतिक्रमण हटाने और पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी होलिका दहन में लकड़ी की जगह गौ काष्ट यानी कंडों के उपयोग का आव्हान किया है और साथ ही प्राकृतिक व हर्बल रंगों से होली खेलने का भी। शासन के निर्देशानुसार इंदौर शहर में होलिका दहन में लकड़ी की जगह उपलों और गौकाष्ठ का प्रयोग करने पर संबंधित जोन के जोनल कार्यालय पर निशुल्क पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन के समय आयोजक संस्था की संक्षिप्त जानकारी जैसे पदाधिकारी संपर्क नंबर, होलिका दहन स्थल, इत्यादि आदि प्राप्त किया जाएगा।
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