
फरियादिया ने नहीं उठाया ऐतराज
इंदौर। लिव इन रिलेशनशिप का मामला बलात्कार में तब्दील हुआ तो एफआईआर दर्ज होने के बाद सिपाही ने फरियादिया से आर्य समाज मंदिर में शादी रचा ली। ऐसे में कोर्ट ने उसे अग्रिम जमानत दे दी।
सूत्रों के मुताबिक मुलजिम पहले उज्जैन जिले के एक थाने में पदस्थ था। फरियादिया का उसके पति से छह साल पहले विवाद हुआ करता था तो वह थाने पहुंची थी। इस कारण सिपाही उसके संपर्क में आया था। उसने पहले फरियादिया को खुद का मोबाइल नंबर दिया, फिर जान-पहचान बढ़ाकर कालांतर में फरियादिया का उसके पति से तलाक हो जाने के बाद शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बनाए। बाद में वह उससे दूरियां बनाने लगा और शादी नहीं की तो फरियादिया ने इस साल सिपाही पर एमआईजी थाने में बलात्कार का मुकदमा दर्ज करा दिया था। केस दर्ज होने के बाद सिपाही के होश उड़ गए और उसने एफआईआर दर्ज होने के बाद पूर्व में किए वादे अनुसार फरियादिया से आर्य समाज मंदिर में शादी रचा ली। बलात्कार के मामले में सिपाही की गिरफ्तारी बाकी है। उसने गिरफ्तारी की दशा में जेल जाने से बचने के लिए सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी पेश की थी और कहा था कि उसकी मंदिर में फरियादिया से शादी हो चुकी है। उनके बीच अब कोई विवाद नहीं है। अब वे पति-पत्नी के तौर पर रहते हैं। वहीं फरियादिया ने भी उसे जमानत देने पर कोई एतराज नहीं जताया तो जज मनीषा बसेर ने सिपाही को 50 हजार की जमानत एवं इतनी ही राशि का मुचलका पेश करने पर गिरफ्तारी की दशा में अग्रिम जमानत पर छोडऩे का आदेश दिया। अलबत्ता सिपाही पर शर्त थोपी है कि वह किसी गवाह को नहीं धमकाएगा।
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