
नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई पर काबू (Controlling rising inflation) पाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआईै) (Reserve Bank of India (RBI)) के नीतिगत ब्याज दर (policy interest rate) में बार-बार बढ़ोतरी का असर अगले साल दिखेगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सदस्य आशिमा गोयल (Ashima Goyal) ने यह बात कही।
आशिमा गोयल ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि रिजर्व बैंक के बार-बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी से महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई के प्रयासों से मुद्रास्फीति यानी महंगाई दर के अगले साल छह फीसदी से नीचे आने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि सितंबर में खुदरा महंगाई दर 7.41 फीसदी रही है। रिजर्व बैंक ने महंगाई पर काबू पाने के लिए नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट में 0.50 फीसदी का इजाफा किया था, जो बढ़कर 5.90 फीसदी पर पहुंच गया है। इसके बावजूद लगातार नौवें महीने में खुदरा महंगाई की दर छह फीसदी से ऊपर है। हालांकि, आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर का अनुमान 6.7 फीसदी पर रखा है। (एजेंसी, हि.स.)
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