नई दिल्ली। मेघालय विधानसभा (Meghalaya Assembly) में उस समय अनोखा और दिलचस्प दृश्य देखने को मिला, जब सत्तारूढ़ नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) की विधायक मेहताब चांदी ए संगमा (Mehtab Chandi A Sangma) ने प्रश्नकाल के दौरान अपने ही पति और मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा (Conrad K. Sangma) से विकास योजनाओं की प्रगति पर सीधे सवाल दाग दिए। सदन में पति-पत्नी के बीच नीतिगत मुद्दे पर हुई यह औपचारिक चर्चा सुर्खियों में आ गई, जिसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का दिलचस्प उदाहरण माना जा रहा है।
पशुपालन शिक्षा परियोजनाओं की प्रगति पर मांगा जवाब
गांबेग्रे क्षेत्र की विधायक ने वर्ष 2022 में मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति पर स्पष्ट जानकारी मांगी।
उन्होंने पूछा कि प्रस्तावित एक वेटरनरी कॉलेज, दो फिशरीज कॉलेज और एक डेयरी कॉलेज की स्थापना में अब तक क्या प्रगति हुई है।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य के पशु चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्रों में कर्मियों की कमी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इससे पशुधन आधारित आजीविका प्रभावित हो रही है।
उन्होंने बताया:
वेटरनरी कॉलेज की स्थापना पर लगभग 334 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
इसके लिए किर्डेमकुलाई (री-भोई जिला) में करीब 800 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।
संस्थान में 19 विभाग प्रस्तावित हैं।
सरकार का आश्वासन-जल्द तेज होगी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में स्वीकृत इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया अब तेज की जाएगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य की बड़ी आबादी पशुपालन और इससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है, इसलिए ऐसे संस्थानों की स्थापना अत्यंत जरूरी है।
मानव संसाधन की कमी के मुद्दे पर उन्होंने आश्वासन दिया कि रिक्त पदों को जल्द भरने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और प्रशिक्षण ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
लोकतंत्र की मिसाल बना सवाल-जवाब
सदन में यह घटनाक्रम इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि एक विधायक ने व्यक्तिगत संबंधों से अलग हटकर सरकार से जवाबदेही मांगी। राजनीतिक हलकों में इसे संस्थागत जवाबदेही और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का उदाहरण माना जा रहा है।
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