img-fluid

AAP में आपसी टकराव शुरू, राघव चड्ढा के बयान से मचा बवाल, पार्टी नेताओं ने घेरा, भाजपा ने भी दी प्रतिक्रिया

April 04, 2026

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) में मतभेद अब खुलकर सार्वजनिक टकराव में बदलते नजर आ रहे हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद उनका वीडियो संदेश (Video Message) पार्टी की आंतरिक राजनीति में चर्चा का विषय बन गया। राघव ने खुद को जनता की आवाज बताते हुए पार्टी पर गंभीर सवाल उठाए। इसके जवाब में आप के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके राजनीतिक रुख और भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए। इस विवाद ने विपक्षी दलों को भी सक्रिय कर दिया है।

राजनीतिक पार्टियों की प्रतिक्रियाएं
प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि किसी सांसद को बोलने से रोकना लोकतंत्र के खिलाफ है। वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने इसे अंदरूनी लड़ाई करार देते हुए आप पर भ्रष्टाचार और सत्ता संघर्ष के आरोप लगाए। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने भी राघव से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की और कहा कि अगर वे नाराज हैं तो खुलकर सामने आएं।

भाजपा का आरोप
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष चरम पर पहुंच चुका है और नेतृत्व केवल बाहर से एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है। राघव चड्ढा का हालिया वीडियो इस बात का प्रमाण है कि पार्टी के भीतर संवाद और लोकतंत्र खत्म हो गया है। सचदेवा ने आरोप लगाया कि जब एक वरिष्ठ नेता को अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़े, तो यह पार्टी की आंतरिक स्थिति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अब एक व्यक्ति केंद्रित संगठन बन गई है, जहां स्वतंत्र राय रखने वाले नेताओं को किनारे कर दिया जाता है या दबाया जाता है।


  • राघव चड्ढा पर आप का पलटवार
    AAP ने राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद बयान पर पलटवार किया। पार्टी ने इसे सामान्य संगठनात्मक निर्णय बताते हुए आरोप लगाया कि वह लंबे समय से पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे थे और जनहित के मुद्दों पर मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से बच रहे थे।

    नेताओं के तर्क
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि किसी भी पार्टी में नेतृत्व और पदों में बदलाव सामान्य प्रक्रिया है। अगर कोई सदस्य पार्टी के सामूहिक फैसलों का समर्थन नहीं करता और व्हिप के खिलाफ जाता है, तो कार्रवाई स्वाभाविक है।

    राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी ने अरविंद केजरीवाल से निडरता और संघर्ष का पाठ सीखा है, लेकिन राघव इस कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा ने महाभियोग प्रस्ताव और पंजाब के अधिकारों जैसे मुद्दों पर चुप्पी साधी और गुजरात में कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के समय आवाज नहीं उठाई। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ ने भी कहा कि राघव चड्ढा न तो प्रधानमंत्री मोदी से सवाल कर रहे हैं और न ही बड़े राष्ट्रीय मुद्दे उठा रहे हैं।

    Share:

  • भारत में बोतलबंद पानी महंगा होने की आशंका, आपूर्ति बाधित होने से उद्योग पर दबाव, जानें...

    Sat Apr 4 , 2026
    नई दिल्ली. भारत (India) में जहां एक ओर तापमान (Temperature) 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की चेतावनी है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया (West Asia) में अमेरिका– इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगा है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल और आपूर्ति बाधित […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved