
गुना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जिले (Guna District) में एक आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) के तबादले (तबादले ) को लेकर जनता का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। जिस अधिकारी की तारीफ कभी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की थी, उसी अंकित सोनी को एक कथित आरोप के आधार पर हटा दिए जाने से लोग नाराज हैं। 19 मार्च को सामने आए तथाकथित हवाला कांड के बाद उनके ट्रांसफर के विरोध में अब शहरवासी सड़कों पर उतर आए हैं।
सड़कों पर उतरे लोग, ‘Support Ankit Soni’ के नारे
अंकित सोनी के समर्थन में निकाली गई रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लिए हुए थे, जिन पर ‘Support Ankit Soni’ लिखा हुआ था। महिलाओं ने भी खुलकर अपनी नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि साजिश के तहत उन्हें जिले से हटाया गया है। उनका कहना था कि बिना ठोस सबूत के इस तरह का फैसला लेना गलत है और जिले को उनके जैसे ही पुलिस कप्तान की जरूरत है।
हर वर्ग की भागीदारी, बढ़ानी पड़ी सुरक्षा
इस रैली में युवा, छात्र-छात्राएं, महिलाएं और व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए फैसले को वापस लेने की मांग की गई। अंकित सोनी के समर्थन में उमड़े जनसैलाब ने स्थानीय नेताओं को भी चौंका दिया।
कार्यकाल में अपराध पर कसा शिकंजा
गुना के पुलिस अधीक्षक रहते हुए अंकित सोनी ने कई अहम अभियान चलाए थे। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत उन्होंने लापता नाबालिग बच्चियों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा जुआ-सट्टा, ड्रग्स तस्करी, नकली करेंसी, संगठित अपराध और वाहन चोरी जैसे मामलों पर भी सख्त कार्रवाई की गई थी।
हवाला कांड के बाद तबादला
हालांकि, कथित हवाला कांड सामने आने के बाद अंकित सोनी का तबादला कर उन्हें जिले से हटा दिया गया। फिलहाल उन्हें पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। उनकी जगह 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हितिका वासल को गुना की नई कमान सौंपी गई है।
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