
नई दिल्ली। ईरान (Iran) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। यूएई की ओर से ईरान पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें (Ballistic Missiles) दागने का आरोप लगाए जाने के बाद तेहरान (Tehran) ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए कहा कि बिना ठोस सबूत के ऐसे आरोप लगाने से बचना चाहिए।
UAE का दावा- समुद्र में गिरीं दोनों मिसाइलें
यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ईरान से दो मिसाइलें दागी गईं, लेकिन दोनों समुद्र में जा गिरीं। इनमें से एक यूएई के क्षेत्रीय जल में, जबकि दूसरी उसके बाहर गिरी। मंत्रालय के अनुसार, घटना में किसी के घायल होने या नुकसान की सूचना नहीं है।
यूएई ने बाद में अपने आकलन के आधार पर दावा किया कि मिसाइलों को समुद्री यातायात को निशाना बनाने के लिए दागा गया था। मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों और गलत सूचनाओं पर भरोसा न करने तथा घटना से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर निर्भर रहने की अपील की।
ईरान ने ‘फॉल्स फ्लैग’ ऑपरेशन की जताई आशंका
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यूएई के आरोपों को खारिज करते हुए ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि बिना ठोस सबूत के ईरान पर आरोप लगाना उचित नहीं है। तेहरान ने यूएई से ऐसे आरोपों से बचने को कहा है, जिनसे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।
यूएई के गृह मंत्रालय ने भी लोगों के मोबाइल फोन पर शुरुआती मिसाइल खतरे को लेकर अलर्ट भेजा। बाद में मंत्रालय ने स्थिति सुरक्षित बताते हुए लोगों से सामान्य गतिविधियां फिर शुरू करने को कहा।
ईरान से कारोबार और वित्तीय लेनदेन रोके
क्षेत्रीय तनाव के बीच यूएई ने ईरान के साथ सभी व्यापारिक, वाणिज्यिक और वित्तीय लेनदेन को अगले आदेश तक निलंबित करने की घोषणा की है। यूएई विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हमेली ने कहा कि मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट बना सबसे संवेदनशील इलाका
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खाड़ी क्षेत्र का सबसे संवेदनशील रणनीतिक समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि या मिसाइल घटना का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री यातायात पर पड़ सकता है।
मिसाइल विवाद के बाद ईरान और यूएई के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। यूएई अपने सुरक्षा आकलन के आधार पर कार्रवाई की बात कह रहा है, जबकि ईरान आरोपों को खारिज कर इन्हें क्षेत्र में तनाव भड़काने की कोशिश बता रहा है।
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