
नई दिल्ली. ईरान (Iran) के सुप्रीम लीडर (Supreme Leader) आयतुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत के बाद नए लीडरशिप का ऐलान हो गया है. उनके बड़े बेटे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है. ईरान के सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में मौत हो गई है.
1 मार्च 2026 की सुबह ईरान के सरकारी टीवी और आईआरएनए न्यूज एजेंसी ने बताया कि 28 फरवरी, शनिवार को तेहरान में हुए हवाई हमलों के दौरान उनके दफ्तर पर निशाना साधा गया, जिसमें 86 वर्षीय खामेनेई की मौत हो गई.
बताया गया कि यह हमला सरकारी ठिकानों पर किया गया एक लक्षित कार्रवाई थी. ईरान ने 40 दिन के राष्ट्रीय शोक और सात दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है.
ईरान में सुप्रीम लीडर की चुनने की प्रक्रिया
ईरान के 88-सदस्यीय विशेषज्ञों की सभा (Assembly of Experts) नए सुप्रीम लीडर का चयन करती है. इस परिषद के पास किसी सुप्रीम लीडर को हटाने का अधिकार भी है, हालांकि अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ. यह परिषद पूरी तरह से शिया धर्मगुरुओं से बनी होती है, जिन्हें हर आठ साल में आम चुनाव के जरिए चुना जाता है और उनके नामांकन को गार्डियन काउंसिल (Guardian Council) द्वारा अनुमोदित किया जाता है. गार्डियन काउंसिल अक्सर उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर देती है. उदाहरण के लिए, मार्च 2024 में पूर्व राष्ट्रपति हसन रूहानी को विशेषज्ञों की सभा के चुनाव में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था.
अस्थायी नेतृत्व परिषद अस्थायी रूप से संभाल सकती है जिम्मेदारी
ईरानी कानून के अनुसार, विशेषज्ञों की सभा को जितनी जल्दी संभव हो नया सुप्रीम लीडर चुनना चाहिए. लेकिन अगर इसमें देरी होती है, तो अस्थायी नेतृत्व परिषद सभी नेतृत्व कार्यों को संभाल सकती है. यह परिषद ईरान के वर्तमान राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्डियन काउंसिल के एक सदस्य से बनी होती है, जिसे एक्सपेडियेंसी काउंसिल (Expediency Council) चुनती है। अगर ऐसा अब होता है, तो सुधारवादी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और सख्त रुख वाले न्यायपालिका प्रमुख घोलामहुसैन मोसेनी एजई इस परिषद में शामिल होंगे।
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