
नई दिल्ली। इजरायल जा रहे फ्लाईदुबई विमान (Flydubai Aircraft) के कॉकपिट में हुए हमले (Attacks) को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने ईरान (Iran) कनेक्शन की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि जो जानकारी उन्हें मिल रही है, उसके आधार पर इसका जवाब हां है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है और उन्होंने कोई ठोस सबूत या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर हमले में ईरान की भूमिका सामने आती है तो अमेरिका की प्रतिक्रिया बेहद कड़ी होगी। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान को “बहुत कड़ी चोट” पहुंचाई जाएगी। हालांकि, फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि को-पायलट ने विमान के कप्तान पर हमला क्यों किया और क्या इसके पीछे किसी संगठन या देश की भूमिका थी।
व्हाइट हाउस में ट्रंप से पूछा गया ईरान कनेक्शन पर सवाल
गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने ट्रंप से फ्लाईदुबई के उस को-पायलट को लेकर सवाल किया, जिसने इजरायल जा रहे विमान के कप्तान पर हमला किया था। उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी दी गई है कि आरोपी के तार ईरान या तेहरान से जुड़े हैं।
ट्रंप ने पहले कहा, “हम इस पर अभी काम कर रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर जवाब हां है। हालांकि, उन्होंने इस संभावित संबंध की प्रकृति या इसके समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया।
यानी अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान कनेक्शन की संभावना को खारिज नहीं किया है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले इसे स्थापित तथ्य के तौर पर भी पेश नहीं किया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि ईरान की भूमिका को लेकर अभी जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।
विमान में आखिर हुआ क्या था?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में उड़ान के दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की और विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, घायल कप्तान ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों को अंदर पहुंचने और हमलावर को रोकने का मौका मिला। बाद में विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। घटना की जांच में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल की एजेंसियां शामिल हैं।
ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
पत्रकारों ने ट्रंप से यह भी पूछा कि अगर जांच में ईरान की भूमिका सामने आती है तो क्या अमेरिका तेहरान के खिलाफ कार्रवाई करेगा। इस पर ट्रंप ने बेहद सख्त जवाब देते हुए कहा कि ईरान को “बहुत कड़ी चोट” पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान को पता है कि क्या हुआ है और अगर उसकी भूमिका सामने आती है तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका किस तरह की कार्रवाई की बात कर रहा है।
जांच में अभी कई सवालों के जवाब बाकी
घटना को लेकर फिलहाल मुख्य सवाल हमले की वजह और को-पायलट की कथित वैचारिक या बाहरी कड़ी से जुड़े हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आरोपी के बारे में कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित होने की बात कही है, लेकिन जांच एजेंसियां अभी घटना के पीछे की पूरी वजह और किसी संभावित साजिश की पड़ताल कर रही हैं।
ऐसे में फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ईरान से संबंध का दावा ट्रंप की ओर से सामने आया है, जबकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि या ठोस सार्वजनिक सबूत अभी सामने नहीं आया है। जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हमले के पीछे आरोपी ने अकेले कार्रवाई की थी या इसके पीछे किसी बाहरी नेटवर्क की भूमिका थी।
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