
वाशिंगटन। भला कौन सोच सकता है कि अमेरिका (America) जैसे सुपरपावर को ईरान (Iran)जैसा देश पानी पिला देगा. शायद ट्रंप ने भी यही सोचा होगा, जब वो ईरान पर हमला करने के लिए गए थे. हालांकि पिछले 8 महीने में उनकी गलतफहमी जरूर खत्म हो गई होगी. इस युद्ध ने अमेरिकी सैनिकों की भी जान ली। अमेरिका के हथियारों के गोदाम भी खाली किए और उसने शानदार फाइटर जेट्स को भी नुकसान पहुंचा। खासतौर पर जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर रात के समय हुए ईरानी हमले में कई अमेरिकी सैन्य विमानों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस को निशाना बनाकर किए गए हमले के दौरान एक A-10 थंडरबोल्ट विमान गंभीर रूप से प्रभावित हुआ, जबकि कई अन्य लड़ाकू विमानों को भी नुकसान पहुंचा है।
CBS की रिपोर्ट में पत्रकार जेनिफर जैकब्स के हवाले से कहा गया है कि इस अटैक में ईरानी मिसाइलें A-10 थंडरबोल्ट विमान का एक पंख हमले में टूटकर अलग हो गया. इसके अलावा करीब आठ F-15 लड़ाकू विमानों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि जानकारी ये मिल रही है कि इन विमानों में से ज्यादातर को जल्द ही दोबारा सैन्य अभियान के लिए तैयार कर लिया गया यानि थोड़ी बहुत ही टूट-फूट हुई थी, जिसे रिपेयर कर लिया गया।
अमेरिका को एक रात में करोड़ों का नुकसान
हमले के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने के लिए 30 से अधिक पैट्रियट मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमेरिकी एयरबेस को बचाने के लिए वहां मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम को काफी सक्रिय रहना पड़ा. इस दौरान करीब 60 ईरानी मिसाइलें यहां तक पहुंचीं और उन्होंने यहां मौजूद अमेरिकी एयरक्राफ्ट्स को नुकसान पहुंचाया।
ईरान के मुताबिक अमेरिकन एयरफोर्स के F-15, F-16 और F-35 फाइटर जेट को नुकसान पहुंचा है. हालांकि अमेरिका और जॉर्डन, दोनों की ओर से इस पर कोई बयान नहीं दिया गया था लेकिन अब CBS की रिपोर्ट में भी ये माना गया है कि आठ F-15 को नुकसान पहुंचा है, जबकि A-10 थंडरबोल्ट का विंग तक टूट गया. अमेरिकी रिपोर्ट में F-35 का नाम नहीं लिया गया है लेकिन ईरान का दावा है कि नुकसान इसे भी पहुंचा है।
कौन-कौन सी बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल?
पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की मिसाइलें कोई सस्ती नहीं होती हैं, ऐसे में ईरानी मिसाइलें इंटरसेप्ट करने के लिए इनका इस्तेमाल करने में उन्हें एक रात के अंदर ही करोड़ों के हथियार फूंकने पड़ गए. जो रिपोर्ट्स आ रही हैं, उनके मुताबिक ईरान की ओर से इस हमले में जो मिसाइलें इस्तेमाल की गई थीं, उनमें खोर्रमशहर, गद्र, इमाद, जोल्फागहर और फतह शामिल हो सकती हैं. यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले अमेरिका ने ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाया था. यह कार्रवाई ईरान की ओर से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाए जाने के जवाब में की गई थी. इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved