वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान (US and Iran) के बीच संभावित शांति समझौते से पहले खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरानी (Iran) सरकारी मीडिया ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर दावा किया है कि बहरीन और कुवैत (US and Iran) में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर तैनात अहम रडार सिस्टम ईरानी हमलों में नष्ट हो गए हैं। हालांकि अमेरिका की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि बहरीन के माउंट अल-दुखान (जबल अल-दुखान) पर तैनात अमेरिकी संबद्ध अर्ली वॉर्निंग रडार सिस्टम को मिसाइल हमले में गंभीर नुकसान पहुंचा है। कुछ ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) विश्लेषकों ने भी इस क्षेत्र से धुएं के गुबार और संभावित क्षति की जियोलोकेशन की बात कही है, लेकिन नुकसान की सीमा को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अब तक सीमित है।
रिपोर्टों में दावा किया गया कि बहरीन स्थित रडार सिस्टम AN/TPS-59 (कुछ रिपोर्टों में R-327/AR-327 के रूप में उल्लेख) को निशाना बनाया गया, जबकि कुवैत के अली अल-सालेम एयरबेस पर तैनात ASR-1000 एयर सर्विलांस रडार को भी नुकसान पहुंचा। कुछ सैटेलाइट-आधारित सुरक्षा विश्लेषणों में इन सैन्य परिसंपत्तियों को क्षति पहुंचने के संकेत बताए गए हैं।
हालांकि अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM या बहरीन-कुवैत सरकारों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार नहीं किया है कि रडार पूरी तरह तबाह हुए हैं। अमेरिकी पक्ष पहले यह कह चुका है कि ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया गया था।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित समझौते पर जल्द प्रगति हो सकती है और इसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संकेत दिया है कि किसी अंतिम समझौते से पहले शुरुआती शर्तों पर सहमति जरूरी होगी।
कुल मिलाकर, सैटेलाइट तस्वीरों और दावों ने खाड़ी क्षेत्र में नई बहस छेड़ दी है, लेकिन रडार सिस्टम के “पूरी तरह तबाह” होने के दावों पर अभी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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