
नई दिल्ली । पाकिस्तान(Pakistan) को रूस द्वारा फाइटर जेट इंजन (fighter jet engine)देने की खबर को लेकर कांग्रेस पार्टी(Congress Party) ने मोदी सरकार(Modi government) पर निशाना साधा है। मुख्य विपक्षी पार्टी की तरफ से शनिवार को कहा गया कि सरकार को यह बताना चाहिए कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दशकों से हमारा सबसे भरोसेमंद साथी रूस आज भारत की अपील को नजर अंदाज कर पाकिस्तान को RD-93MA इंजन देने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि यह मोदी सरकार की उस व्यक्तिगत कूटनीति की एक और नाकामी को उजागर करता है, जिसमें राष्ट्रीय हितों से ज्यादा इमेज निर्माण को प्राथमिकता दी जाती है।
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, “यह इंजन पाकिस्तान के चीन मेड फाइटर जेट्स जेएफ-17 में लगाए जाएंगे। इस विमान के अपग्रेडेड वर्जन में उन पीएल-15 मिसाइलों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनके बारे में कहा जाता है कि पाकिस्तान ने इसका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया था। यहां तक की वायु सेना प्रमुख ने भी कहा था कि ऐसा हो सकता है कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान ने जेएफ-17 का इस्तेमाल किया हो।”
रमेश ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया जा रहा है कि इस सौदे पर जून 2025 में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीधे तौर पर आपत्ति जताई थी। ऐसे में सरकार को देश को बताना चाहिए कि आखिर उनकी आपत्ति के बाद भी रूस जैसा पुराना और भरोसेमंद साथी अब पाकिस्तान को सैन्य सहयोग क्यों दे रहा है, जबकि हम उनसे एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीद रहे हैं और स्टील्थ सुखोई-57 विमानों की खरीद पर बात कर रहे हैं।”
आपको बता दें कांग्रेस पार्टी की तरफ से यह दावा कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर किया गया है। इसको लेकर आधिकारिक तौर पर अभी कुछ भी नहीं कहा गया है। वहीं, वियोन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एक रूसी सूत्र ने इस बात को साफ किया है कि क्रेमलिन की पाकिस्तान के साथ ऐसी किसी भी तरह की डील नहीं हुई है।
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