
गाजा पट्टी. गाजा पट्टी (Gaza Strip) में एक बार फिर हिंसा तेज होती दिखाई दे रही है। सोमवार को दक्षिणी गाजा में इस्राइली (Israeli) हवाई हमले (Airstrike) में एक फलस्तीनी महिला और एक छोटी बच्ची की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक हमला खान यूनिस के पश्चिमी इलाके मुवासी में विस्थापित परिवारों के तंबुओं पर हुआ। इस घटना के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल है। लगातार जारी हमलों के बीच संघर्षविराम की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
आखिर हमला कहां और कैसे हुआ?
अस्पताल अधिकारियों के अनुसार यह हमला मुवासी इलाके में एक ऐसे तंबू पर हुआ, जहां विस्थापित परिवार रह रहे थे। हमले में एक महिला और एक बच्ची की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्ची घायल हो गई। घायलों और शवों को कुवैत फील्ड अस्पताल लाया गया। इस्राइली सेना ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने एक उग्रवादी को निशाना बनाया था, लेकिन इसके अलावा कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।
गाजा में संघर्षविराम के बावजूद क्यों जारी है हिंसा?
अक्तूबर में हुए संघर्षविराम समझौते का उद्देश्य दो साल से ज्यादा समय से जारी युद्ध को रोकना था। हालांकि भारी लड़ाई में कमी आने के बावजूद गाजा में लगभग रोज गोलीबारी और हवाई हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार संघर्षविराम लागू होने के बाद भी 880 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। मंत्रालय का कहना है कि लगातार सैन्य कार्रवाई के कारण आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इस्राइल और हमास क्या कह रहे हैं?
इस्राइल का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई संघर्षविराम उल्लंघन और सुरक्षा खतरों के जवाब में की जा रही है। इस्राइली सेना का दावा है कि उग्रवादी समूह लगातार सैनिकों को निशाना बना रहे हैं। दूसरी तरफ गाजा में हमास के नेतृत्व वाली सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे जा रहे हैं। हालांकि मंत्रालय नागरिक और उग्रवादियों के आंकड़े अलग-अलग जारी नहीं करता।
गाजा में लगातार जारी हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। राहत एजेंसियां पहले ही मानवीय संकट की चेतावनी दे चुकी हैं। हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं और लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्षविराम पूरी तरह टूटता है, तो हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
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