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Jio Share Market Listing: जियो की शेयर बाजार में शानदार एंट्री, जानिए कितना प्रीमियम मिला

October 28, 2026

नई दिल्ली. भारतीय पूंजी बाजार (Indian Capital Market) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। देश (India) का अब तक का सबसे बड़ा और 10.3 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन वाला प्राथमिक निर्गम (IPO) पूरा करने के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) के शेयर आज यानी बुधवार (28 अक्तूबर 2026) को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट हो गया। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर 21.36 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 1358 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए।

प्राथमिक बाजार में मिले रिकॉर्ड रिस्पॉन्स और ग्रे मार्केट के संकेतों को देखें तो यह कंपनी अपनी लिस्टिंग के दिन ही भारतीय कॉरपोरेट जगत के कई बड़े रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं।


  • जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग भारतीय बाजार के लिए क्यों ऐतिहासिक है?
    भारतीय बाजार में अब तक किसी भी कंपनी ने 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मूल्यांकन पर अपना आईपीओ लॉन्च नहीं किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स ने 1,119 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 27 करोड़ नए शेयर जारी कर 10.3 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।

    अपनी आईपीओ कीमत के आधार पर ही जियो प्लेटफॉर्म्स बाजार पूंजीकरण के मामले में देश की चौथी सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन चुकी है। यह केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज (16.2 लाख करोड़ रुपये), भारती एयरटेल (12.2 लाख करोड़ रुपये) और एचडीएफसी बैंक (10.6 लाख करोड़ रुपये) से ही पीछे है।

    पहले दिन से ही MTF का निवेशकों को क्या फायदा होगा?
    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा जियो प्लेटफॉर्म्स को ‘ग्रुप 1 सिक्योरिटीज’ की श्रेणी में रखने का सीधा अर्थ है कि 28 अक्टूबर को लिस्टिंग के पहले ही दिन से इसके शेयर मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) के तहत उपलब्ध है। यह सुविधा उन निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है जो अपनी मूल पूंजी से अधिक मूल्य के शेयरों में दांव लगाना चाहते हैं, क्योंकि MTF के जरिए वे अपने ब्रोकर से मार्जिन या अतिरिक्त फंड ले सकेंगे।

    20% प्रीमियम लिस्टिंग से बाजार की रैंकिंग में क्या बड़ा बदलाव आएगा?
    जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी ही पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के ठीक नीचे भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में मार्केट में डेब्यू किया है। किसी भी कंपनी के लिए अपनी लिस्टिंग के पहले ही दिन देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन जाना भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का एक अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

    अन्य कॉरपोरेट घरानों से कितना आगे निकल जाएगा?
    केवल आईपीओ मूल्यांकन (10.3 लाख करोड़ रुपये) को ही आधार माना जाए, तो रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है। इसके साथ ही मुकेश अंबानी की अगुवाई वाला रिलायंस ग्रुप भारत का सबसे मूल्यवान व्यावसायिक समूह बन गया है।

    देश के अन्य प्रमुख कॉरपोरेट समूहों से तुलनात्मक स्थिति इस प्रकार है:
    रिलायंस ग्रुप: संयुक्त मार्केट कैप 27 लाख करोड़ रुपये से अधिक। प्रीमियम लिस्टिंग की स्थिति में रिलायंस ग्रुप 30 लाख करोड़ रुपये के अभूतपूर्व पड़ाव के काफी करीब पहुंच गया है।
    टाटा ग्रुप: 27 अक्तूबर 2026 तक टाटा समूह की सभी 32 सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग ₹25.7 लाख करोड़ था।
    अदाणी ग्रुप: अदाणी समूह की सभी 11 सूचीबद्ध कंपनियों का कुल संयुक्त मार्केट कैप लगभग 16.6 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर है।

     

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