
भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रविवार को सागर में बंडा शराब कांड को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रभावित गांवों का दौरा करने और पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद उन्होंने प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को तुरंत हटाने और उनके कार्यकाल की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से जांच कराने की मांग की है।
बुंदेली भाषा में अपनी बात रखते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे बेहद दुखी मन से यहां आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंडा ही नहीं बल्कि पूरे जिले में अपराधियों को प्रशासन और रसूखदार नेताओं का खुला संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इतना बड़ा अवैध शराब का नेटवर्क चलना असंभव है।
दिग्विजय सिंह ने सागर एसपी अनुराग सुजानिया का जिक्र करते हुए कहा कि मुरैना में पूर्व में हुई जहरीली शराब की घटना के दौरान भी वे, वहीं तैनात थे और अब वैसी ही घटना सागर में दोहराई गई है। उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ शराब कारोबारियों के कथित संबंधों और अवैध वसूली की जनचर्चा का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं, तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि का दावा कर सकते हैं, और वे अदालत में अपने आरोपों को साबित कर देंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि सागर कलेक्टर ने उनके फोन का जवाब नहीं दिया, जिसकी शिकायत वे राज्य के मुख्य सचिव से करेंगे।
जहरीली शराब कांड पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ‘सागर गोल्ड’ शराब पी है, उनकी मौत के मामले में पर्याप्त धाराओं में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब बनाने वालों और ठेकेदार जंडेल सिंह गुर्जर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई कर मुख्य आरोपियों और डिस्टलरीज को बचाने में जुटी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो ग्रामीण अवैध शराब को एसपी बंगले के सामने फेंकने को मजबूर होंगे।
दिग्विजय सिंह ने बंडा क्षेत्र के करीब 30 प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है और उनके सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस दौरान उन्होंने चार पीड़ित परिवारों को गोद लेने की बड़ी घोषणा की है। इनमें झोली ग्राम के मृतक भोला अहिरवार का परिवार, धुरमार ग्राम के रामस्वरूप अहिरवार का परिवार, खतोरा खुई ग्राम के भोपाली आदिवासी की पत्नी माया तथा हनौती ग्राम धनसिंह आदिवासी की पत्नी मीना का परिवार शामिल है। उन्होंने इन चारों परिवारों को अपनी ओर से 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता राशि देने तथा उनके अनाथ बच्चों की संपूर्ण शिक्षा का खर्च उठाने का ऐलान किया। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और करीब 40 प्रभावित परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
दिग्विजय सिंह ने मंत्री गोविंद राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि शराब कारोबार और राजनीतिक लोगों के बीच साठगांठ की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना हॉलमार्क और वैधानिक पहचान के बिकने वाली अवैध शराब पर रोक लगनी चाहिए और आबकारी विभाग की भूमिका की भी जांच हो। उन्होंने सरकार द्वारा बनाई गई जांच कमेटियों पर अविश्वास जताते हुए कहा कि मौजूदा एजेंसियां सिर्फ दोषियों को बचाने का काम कर रही हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने अपनी आगामी ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा 20 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जाएगी, जिसमें प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर पैदल चलकर विभिन्न धर्मों और परंपराओं पर संवाद होगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अर्थ किसी का नाश करना नहीं, बल्कि ‘सबका मालिक एक है’ की भावना पर चलना है। इसके अलावा, उन्होंने राम मंदिर निर्माण के चंदे और खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठाई और आरएसएस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।
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