ज्जैन (Ujjain)। श्री महाकालेश्वर मंदिर (Shri Mahakaleshwar Temple) में जनकल्याण के लिए सौमिक सुवृष्टि अग्निष्टोम सोमयाग अनुष्ठान (Soumik Suvrishti Agnishtom Somayag Ritual) किया जा रहा है। इसी तारतम्य में इस वर्ष जन कल्याण की उदात्त भावना से 10 मई तक यह निरंतर होगा। रविवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर के शासकीय पुजारी पं.श्री घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में महारूद्राभिषेक का आयोजन प्रारंभ किया गया है।श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया कि, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा छ: दिवसात्मक महा-रुद्राभिषेक का अनुष्ठान किया जा रहा है । पांच मई को प्रात: 11 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पूजन के बाद नंदी मंडपम में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने सपत्नीक महारुद्राभिषेक का संकल्प कर पूजन किया है । पूजा शासकीय पुजारी पं.श्री घनश्याम शर्मा द्वारा संपन्न करवायी गई, उसके पश्यात 22 ब्राम्हणों को वारुणी प्रदान कर महारुद्राभिषेक का प्रारम्भ किया गया ।
दूसरी ओर श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी श्री राम शर्मा ने बताया कि, श्री महाकालेश्वर मंदिर के परिसर में हवनात्मक सोमयाग के साथ साथ ही 10 मई तक के लिए नंदी हाल में अभिषेकात्मक महा-रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है | महारुद्राभिषेक के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी- पुरोहितों द्वारा सोमयाग हेतु महाराष्ट्र के जिला सोलापुर के कासारवाडी तालुका बर्शी के मुर्धन्य विद्वान व यज्ञाचार्य पं. चैतन्य नारायण काले व उनके सहयोगी चारों वेदो के श्रौत विद्वानों ऋत्विको (ब्राहम्ण) का नंदी मंडपम में स्वागत व सम्मान किया गया |

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