
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra politics) में बड़ा बदलाव सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी में नेतृत्व परिवर्तन के साथ नया राजनीतिक अध्याय शुरू हो गया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) को सर्वसम्मति से एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। पार्टी बैठक में लिया गया यह फैसला राज्य की राजनीति में अहम माना जा रहा है। अजित पवार की विमान हादसे में मौत के बाद पार्टी और सत्ता दोनों की जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल।
अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति अचानक नए मोड़ पर आ गई थी। उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को सौंपी गई और अब उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय कमान भी मिल गई है। पिछले कुछ दिनों से एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चा चल रही थी, लेकिन अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेताओं ने इसमें खास रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए नया नेतृत्व तय किया और सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया गया।
मुंबई अधिवेशन में सर्वसम्मति से फैसला
एनसीपी का राष्ट्रीय अधिवेशन 2026 मुंबई के वर्ली इलाके में आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। अधिवेशन के दौरान सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव को सभी नेताओं ने एकमत से मंजूरी दी। पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। साथ ही यह भी तय किया गया कि प्रफुल्ल पटेल पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रहेंगे, जबकि महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सांसद सुनील तटकरे संभालेंगे।
बारामती से विधायक बनने की चर्चा तेज
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा तेज हो गई है कि सुनेत्रा पवार जल्द ही बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं। यह सीट अजित पवार की राजनीतिक पहचान मानी जाती रही है। अगर उपचुनाव होता है तो सांसद सुप्रिया सुले ने उम्मीद जताई है कि यह चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में सुनेत्रा पवार विधानसभा पहुंचकर राज्य की राजनीति में और मजबूत भूमिका निभा सकती हैं।
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