
नई दिल्ली: ममता कुलकर्णी (Mamta Kulkarni) ने किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर पद (Mahamandaleshwar post) से इस्तीफा दे दिया. पिछले साल महाकुंभ (Mahakumbh) के दौरान किन्नर अखाड़े ने महामंडलेश्वर पद देकर उन्हें श्री यमाई ममता नंद गिरि नाम दिया था. ममता कुलकर्णी ने कहा था कि भगवा वस्त्र पहनना BJP का या किसी का एजेंट होना नहीं. उन्होंने कहा था कि वो जल्द ही भगवा वस्त्र उतार देंगी.
सत्य को वस्त्र या प्रतिमा की आवश्यकता नहीं होती- ममता कुलकर्णी
अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “मैं ममता मुकुंद कुलकर्णी बिल्कुल सही मानसिक स्थिति में हूं. मैं 27 जनवरी 2026 को किन्नर अखाड़े के महा मंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे रही हूं. डॉ आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के साथ कोई शिकायत नहीं, सम्मान देने के लिए पूरा प्यार. बात सिर्फ इतनी है कि मेरा आध्यात्मिक ज्ञान जे कृष्णमूर्ति की तरह बहेगा. सत्य को वस्त्र या प्रतिमा की आवश्यकता नहीं होती.”
समान विचारधारा वाले लोगों से ज्ञान बांटूंगी- ममता कुलकर्णी
इसके आगे उन्होंने कहा, “मेरे गुरु श्री चैतन्य गगनगिरि नाथ ने कोई भी पद स्वीकार नहीं किया. मैंने 25 साल का आध्यात्मिक जीवन जीया. अंतर्मुखी रहकर अभ्यास जैसे पहले जारी था, आगे भी करूंगी. जब भी जरूरत होगी, किसी भी पार्टी से जुड़ा या किसी विशिष्ट समूह या समान विचारधारा वाले लोगों से जुड़ा हुआ अपना ज्ञान बांटूंगी.”
किन्नर अखाड़े ने किया था निष्कासित
बता दें कि प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर बयानबाजी करने के मामले में किन्नर अखाड़े से निकाली ममता कुलकर्णी को निष्कासित कर दिया गया. अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वो पद के बिना भी अपना आस्तिक जीवन जीती रहेंगी.
ममता कुलकर्णी ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों में अपने नाम में ममता और कुलकर्णी के बीच मुकुंद भी लिखा हुआ है. उन्होंने इसमें किन्नर अखाड़े से मिले नाम यमाई ममता नंद गिरि नहीं लिखा. इस नोट के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि किन्नर अखाड़े ने उन्हें निकाला नहीं है बल्कि उन्होंने खुद ही अपना पद त्याग दिया है. पिछले साल जनवरी महीने में किन्नर अखाड़े से जुड़ने वालीं ममता कुलकर्णी एक साल में कई बार नाराज हुई हैं.
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