
भोपाल। राज्य सरकार ने दंगों, प्रदर्शन या अन्य घटनाओं में सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मप्र लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण एवं नुकसानी की वसूली अधिनियम 2022 के नियम तय कर दिए हैं। इसके तहत प्रदेश में खरगौन दंगों में हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। खास बात यह है कि दंगों में जो नुकसान हुआ है, उसकी अदायगी बाजार भाव से होगी। अधिनियम के तहत क्लेम ट्रिब्यूनल को यह अधिकार दे दिया गया है कि किसी के घर, दुकान, दफ्तर या अन्य संपत्ति में धातुओं से जुड़ी चीज के साथ संगमरमर की टाइल्स को नुकसान हुआ है तो उसका पैसा भी बाजार दर से लौटाया जाएगा। इसमें छत के निर्माण, दरवाजे, खिड़कियों को बनाने में इस्तेमाल किए गए स्टील, लोहे, एल्यूमीनियम, कांच, महंगी लकड़ी, पत्थर या अन्य वस्तु भी शामिल है। ट्रिब्यूनल बाजार दरों से नुकसान की भरपाई कराएगा। यह नियम तब अधिसूचित हुए हैं, जब खरगोन दंगों के बाद एक ट्रिब्यूनल मौके पर पहुंचकर पीडि़त पक्ष के आवेदन लेने में लगा है। मप्र लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण एवं नुकसानी की वसूली नियम 2022 में ट्रिब्यूनल को मिलने वाले अधिकार भी साफ कर दिए गए हैं। साथ ही राज्य सरकार भी चाहे तो एक ही घटना पर एक से अधिक ट्रिब्यूनल तय मियाद तक बना सकेगी। लेकिन कोई भी ट्रिब्यूनल एक सदस्यीय नहीं होगा।
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