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होर्मुज में तेल टैंकर में भीषण विस्फोट का दावा, समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद लगी आग; जहाजों को ईरान की चेतावनी

October 11, 2026

नई दिल्ली। दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति (Energy supply) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान की ओर से जारी एक वीडियो में दावा किया गया है कि इस समुद्री मार्ग से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा एक बड़ा तेल टैंकर कथित तौर पर नौसैनिक बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया। इसके बाद टैंकर में भीषण विस्फोट हुआ और उसमें आग लग गई। दावा किया जा रहा है कि जहाज में सऊदी अरब का करीब 20 लाख बैरल तेल लदा था। हालांकि, टैंकर की पहचान, घटना के समय, चालक दल की स्थिति और नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख रास्तों में शामिल है। ईरान पहले भी कई जहाजों को निशाना बनाने का दावा कर चुका है, जबकि अमेरिका इस क्षेत्र में समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कहता रहा है।

समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने का दावा, टैंकर में लगी आग

ईरान की ओर से जारी वीडियो के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा एक बड़ा तेल टैंकर अमेरिका समर्थित दक्षिणी ओमान समुद्री गलियारे से गुजर रहा था। इसी दौरान उसके नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकराने का दावा किया गया है। कथित विस्फोट के बाद जहाज में आग लग गई और वह लपटों से घिर गया।



  • दावे के अनुसार, टैंकर में सऊदी अरब का लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो घटना का असर समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं पर पड़ सकता है।

    हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि टैंकर किस देश का था, घटना में कितना नुकसान हुआ और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं या नहीं। ईरान के दावे की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। इसलिए घटना से जुड़ी शुरुआती जानकारी को फिलहाल दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।

    रास अल खैमाह के पास जहाजों को ईरान की चेतावनी

    समुद्री तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रास अल खैमाह तट के पास लंगर डाले जहाजों को तत्काल वहां से हटने की चेतावनी दी है।

    ईरानी बलों ने जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से दूर जाने और दुबई के लंगरगाह क्षेत्र में स्थानांतरित होने का निर्देश दिया है। चेतावनी में कहा गया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।

    रास अल खैमाह संयुक्त अरब अमीरात के उत्तरी तट पर स्थित है और होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीकी इलाकों में शामिल है। ऐसे में ईरान की इस चेतावनी से क्षेत्र में समुद्री यातायात और जहाजों की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है।

    हालांकि, चेतावनी के बाद जहाजों की वास्तविक स्थिति, उनके स्थानांतरण या किसी संभावित सैन्य कार्रवाई के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने मालवाहक जहाज को किया निष्क्रिय

    इस बीच, अमेरिकी सेना ने 10 अक्टूबर को ओमान की खाड़ी में एक मालवाहक जहाज को निष्क्रिय करने की जानकारी दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, जहाज ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था और उसके चालक दल ने बार-बार दी गई चेतावनियों की अनदेखी की थी।

    सेंटकॉम के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य विमान ने पनामा के झंडे वाले जहाज ‘एमवी ओशन मोलिका’ (अरिका सन) के पिछले हिस्से पर सटीक निशाना लगाने वाले हथियार से हमला किया। इससे जहाज का प्रोपल्शन सिस्टम निष्क्रिय हो गया और वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।

    अमेरिकी सेना ने बताया कि इस कार्रवाई में चालक दल के किसी सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचा। जहाज इससे पहले ईरान के एक बंदरगाह से रवाना हुआ था।

    तीन महीने में चार जहाज निष्क्रिय करने का अमेरिकी दावा

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की नाकेबंदी 14 जुलाई को फिर से शुरू की गई थी। इसके बाद तीन महीने की अवधि में चार जहाजों को निष्क्रिय किया गया और 135 जहाजों को वापस लौटाया गया।

    सेंटकॉम ने यह भी दावा किया कि इस दौरान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े नेटवर्क के 10 तेल टैंकरों को नष्ट किया गया। ये आंकड़े अमेरिकी सेना की ओर से दिए गए हैं।

    वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्यों पड़ सकता है असर?

    होर्मुज जलडमरूमध्य खाड़ी क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति के लिए प्रमुख समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों पर हमले, बारूदी सुरंगों की आशंका या सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी होने से तेल परिवहन, बीमा लागत और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव पड़ सकता है।

    मौजूदा घटनाक्रम में एक ओर ईरान की ओर से टैंकर में विस्फोट और जहाजों को चेतावनी देने के दावे सामने आए हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका ने मालवाहक जहाज को निष्क्रिय करने की कार्रवाई की जानकारी दी है।

    हालांकि, कथित टैंकर विस्फोट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने के कारण उसके वास्तविक प्रभाव का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल होर्मुज और ओमान की खाड़ी में बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।

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