
नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अब पूरी दुनिया की नजरें अर्जेंटीना (Argentina) और स्पेन (Spain) के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले पर टिकी हैं। ट्रॉफी की लड़ाई के साथ-साथ इस बार सबसे अधिक चर्चा गोल्डन बूट (Golden Boot) पुरस्कार को लेकर भी हो रही है। अर्जेंटीना (Argentina) के कप्तान लियोनेल मेसी (Lionel Messi) और फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे (Kylian Mbappe) दोनों आठ-आठ गोल के साथ शीर्ष पर हैं। ऐसे में फाइनल से पहले और उसके बाद होने वाली हर बड़ी घटना इस प्रतिष्ठित व्यक्तिगत सम्मान की दिशा तय कर सकती है।
अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने की दहलीज पर खड़ा है और मेसी के लिए यह टूर्नामेंट बेहद खास माना जा रहा है। अपने करियर के अंतिम विश्व कप में वह न केवल टीम को फिर से चैंपियन बनाना चाहते हैं, बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धियों में भी नया अध्याय जोड़ने के करीब हैं। यदि वह फाइनल में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हैं तो गोल्डन बूट और गोल्डन बॉल जैसे बड़े पुरस्कारों पर भी उनकी दावेदारी और मजबूत हो सकती है।
हालांकि मेसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती किलियन एम्बाप्पे हैं। फ्रांस भले ही सेमीफाइनल में स्पेन से हारकर फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया हो, लेकिन तीसरे स्थान के मुकाबले में एम्बाप्पे के पास अपने गोलों की संख्या बढ़ाने का अवसर मौजूद है। यही कारण है कि गोल्डन बूट की रेस अभी पूरी तरह खुली हुई है और अंतिम फैसला फाइनल से पहले भी बदल सकता है।
फीफा के नियमों के अनुसार यदि दो खिलाड़ियों के गोल समान रहते हैं तो विजेता का फैसला असिस्ट के आधार पर किया जाता है। फिलहाल मेसी के नाम चार असिस्ट दर्ज हैं, जबकि एम्बाप्पे के खाते में तीन असिस्ट हैं। इसी अतिरिक्त असिस्ट के कारण मेसी फिलहाल गोल्डन बूट की दौड़ में आगे माने जा रहे हैं। लेकिन यह बढ़त पूरी तरह सुरक्षित नहीं है क्योंकि एम्बाप्पे के पास एक और मुकाबला खेलने का मौका है।
यदि तीसरे स्थान के मैच में एम्बाप्पे एक गोल करने में सफल रहते हैं तो वह नौ गोल के साथ मेसी से आगे निकल जाएंगे। वहीं दो या उससे अधिक गोल करने की स्थिति में फाइनल से पहले ही मेसी पर अतिरिक्त दबाव बन जाएगा। ऐसे हालात में अर्जेंटीना के कप्तान को स्पेन के खिलाफ गोल करना लगभग अनिवार्य हो सकता है, ताकि वह फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर सकें।
इस मुकाबले का असर केवल गोल्डन बूट तक सीमित नहीं है। मेसी अब तक विश्व कप इतिहास में 21 गोल दर्ज कर चुके हैं, जबकि एम्बाप्पे 20 गोल के साथ उनके बेहद करीब पहुंच चुके हैं। यदि फ्रांस के स्टार खिलाड़ी तीसरे स्थान के मुकाबले में दो गोल करने में सफल रहते हैं तो वह विश्व कप में सबसे अधिक गोल करने के मामले में मेसी को पीछे छोड़ सकते हैं। यही वजह है कि फाइनल से पहले होने वाला यह मुकाबला भी विश्व फुटबॉल के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब पूरी दुनिया की निगाहें दो बड़े मुकाबलों पर टिकी हैं। एक ओर तीसरे स्थान के लिए होने वाला मैच गोल्डन बूट की तस्वीर बदल सकता है, जबकि दूसरी ओर अर्जेंटीना और स्पेन के बीच फाइनल यह तय करेगा कि मेसी अपने शानदार करियर का समापन विश्व कप ट्रॉफी, गोल्डन बूट और नए रिकॉर्ड के साथ कर पाते हैं या नहीं। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह केवल खिताब का मुकाबला नहीं, बल्कि इतिहास बनते देखने का भी अवसर होगा।
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