
जबलपुर। मीडिया समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उजागर करने में अपनी भूमिका निभाता है। वहीं सरकार, प्रशासन और जनता के बीच सेतु का कार्य भी कर रहा है। वर्तमान समय में मीडिया के क्षेत्र में तकनीक का विस्तार भी हुआ है। मीडिया संचार का साधन है ऐसे में संचार प्रक्रिया से प्रत्येक मीडिया कर्मी को परिचित होना चाहिए। इसी से जनता की विभिन्न समस्याओं को उजागर करने और उन्हें सरकार या प्रशासन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका को प्रभावी बनाया जा सकता है।उपरोक्त विचार संचार विशेषज्ञ श्री अरविंद बिन्जोलकर ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के संचार अध्यक्ष एवं शोध विभाग पत्रकारिता विभाग में बुधवार को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयोजित प्रसार व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में प्रस्तुत किये।
प्रसार व्याख्यान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रो धीरेन्द्र पाठक ने कहा कि प्रथम प्रेस आयोग ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एवं पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उद्देश्य से एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। परिणाम स्वरूप 4 जुलाई, 1966 को भारत में प्रेस परिषद की स्थापना की गईए जिसने 16 नवंबर 1966 से अपना विधिवत कार्य शुरू किया। तब से प्रतिवर्ष 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस पत्रकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्वयं को फिर से समर्पित करने का अवसर प्रदान करता है। संचालन एवं आभार प्रदर्शन पत्रकारिता विभाग के डॉ संजीव श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर विभाग के डॉ मोहम्मद जावेद, डॉ शैलेष प्रसाद, डॉ प्रमोद पाण्डेय, डॉ मोहनिका गजभिये सहित सभी बीजेसी, एमजेसी, एमएएमसी एवं बीएएमसी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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