img-fluid

BJP में अनुशासन का संदेश…. वरिष्ठ नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष पद की गरिमा को बनाए रखने की नसीहत..

January 04, 2026

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party – BJP) के सांगठनिक ढांचे में हाल ही में हुए बदलावों के बाद पार्टी के भीतर एक नई कार्यशैली और कड़े अनुशासन का संदेश दिया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर जहां नए कार्यकारी अध्यक्ष के पद की गरिमा को लेकर कड़े निर्देश जारी हुए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में नए प्रदेश अध्यक्ष ने पदभार संभालते ही बागी और गुटबाज तेवर रखने वालों को आईना दिखाना शुरू कर दिया है।

भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन (National Executive President Nitin Naveen) के मनोनयन के बाद पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में पद सर्वोपरि है। चूंकि नए अध्यक्ष उम्र और अनुभव में कई वरिष्ठ नेताओं से छोटे हैं, इसलिए अक्सर आपसी चर्चाओं में वरिष्ठ नेता उन्हें नाम से संबोधित कर देते थे। पार्टी ने अब सभी नेताओं और पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि बातचीत के दौरान ‘प्रोटोकॉल’ का पूरा ध्यान रखा जाए।


निर्देश दिया गया है कि पुराने निजी संबंध चाहे जो भी रहे हों, लेकिन चर्चा के दौरान पद की गरिमा के अनुरूप ही सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग होना चाहिए। विशेष रूप से इसलिए भी क्योंकि कार्यकारी अध्यक्ष के जल्द ही पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रबल संभावना है। हालांकि, स्वयं नितिन नबीन की सादगी चर्चा का विषय है। वे आज भी अपने वरिष्ठों से उसी पुराने सम्मान और सहजता के साथ मिल रहे हैं।

खेमेबाजी पर पंकज चौधरी का कड़ा प्रहार
वहीं, उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कमान संभालते ही यह साफ कर दिया है कि वे अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। हाल ही में एक खास जाति से जुड़े विधायकों की अलग बैठक और खेमेबाजी की खबरों पर अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसी गतिविधियां पार्टी के संविधान और आदर्शों के खिलाफ हैं। सियासी गलियारों में इस सख्ती के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोग इसे ‘मिशन-2027’ के लिए टिकट पक्का करने की होड़ मान रहे हैं, तो कुछ इसे नए अध्यक्ष की पहली बड़ी परीक्षा।

अध्यक्ष के इस कड़े रुख से उन लोगों के पसीने छूट रहे हैं जो अब तक गुट बनाकर काम कर रहे थे। उन्हें डर है कि उनकी पिछली कारगुजारियां और जातिगत राजनीति की जानकारी नए अध्यक्ष तक पहुंच गई, तो उनके राजनीतिक भविष्य पर संकट आ सकता है। पार्टी के भीतर एक बड़ा वर्ग अध्यक्ष के इस अनुशासन की सराहना कर रहा है, उनका मानना है कि चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं में यह संदेश जाना जरूरी था। वहीं, कुछ लोग इसे अतिरेक मान रहे हैं। फिलहाल, भाजपा मुख्यालय से लेकर जिलों तक में इस नए अनुशासन की चर्चा जोरों पर है।

Share:

  • इंदौर : निगम के नवागत आयुक्त क्षीतिज सिंघल सुबह-सुबह भागीरथपुरा पहुंचे

    Sun Jan 4 , 2026
    इंदौर। इंदौर (Indore) नगर निगम (Municipal council) के नवागत आयुक्त क्षितिज सिंघल (Kshitij Singhal) आज सुबह 6:00 बजे प्रभावित क्षेत्र भागीरथपुरा (Bhagirathpura) पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की और व्यवस्था को सुधारने के आवश्यक निर्देश दिए। बाद में उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। भागीरथपुरा स्थित पानी टंकी के नीचे नगर निगम द्वारा […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved