वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान (America-Iran) के बीच उपजे नए तनाव के बीच बीते सप्ताह स्थिति शांत होती नजर आई थी। खबरें आई थीं कि कुछ मुस्लिम देशों ने मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को ईरान पर सैन्य कार्रवाई ना करने के लिए मना किया है। हालांकि पश्चिम एशिया में एक बार फिर फिर कुछ ऐसा हुआ जिससे यह साफ है कि मिडिल ईस्ट जंग के मुहाने पर खड़ा है और अमेरिका कभी भी ईरान पर बड़ा हमला कर सकता है। दरअसल सोमवार को अमेरिका के तीन युद्धपोत पश्चिम एशिया पहुंच गए हैं।
हालिया घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा कर रही है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रदर्शनकारियों पर ईरान की कार्रवाई के विरोध में हवाई हमले का आदेश देने का विकल्प चुन सकते हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा कि तीन विध्वंसक जहाजों के साथ यह विमानवाहक पोत क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान में पश्चिम एशिया में तैनात है।
इससे पहले ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि ईरान की ओर एक बहुत बड़ी सेना बढ़ रही है और जहाजों को संभावित उपयोग के लिए उस क्षेत्र में भेजा जा रहा है। उन्होंने एक बयान में कहा था, “हमारा एक विशाल बेड़ा उस दिशा में जा रहा है लेकिन हो सकता है कि हमें इसका उपयोग ना करना पड़े।” ट्रंप ने यह भी कहा था कि इन विमानों को महज एहतियात के तौर पर इलाके में भेजा रहा है।
इससे पहले भी ट्रंप ने कई बार कहा है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को मरवाता है तो अमेरिका को हस्तक्षेप करना पड़ेगा। बता दें कि ईरान में आर्थिक तंगी और बढ़ती महंगाई को लेकर बीते महीने देशभर में खामेनेई शासन के विरुद्ध व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। रिपोर्ट्स के इन प्रदर्शनों में अब तक 5000 से ज्यादा लोगों को ईरानी सरकार ने मरवा दिया है।
ईरान ने खाई है कसम
अमेरिका की धमकी के बाद ईरान ने भी इसी भाषा का इस्तेमाल किया है। ईरान ने सोमवार को अमेरिका को चेताने के लिए तेहरान के एक प्रमुख चौक पर एक पोस्टर में अमेरिका की तबाही दिखाई। इसमें एक विमानवाहक पोत के उड़ान डेक पर कई क्षतिग्रस्त विमानों की बनाई गई तस्वीर के साथ चेतावनी देते हुए कहा गया कि ‘हवा का जवाब बवंडर’ होगा। वहीं बीते शनिवार ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने चेतावनी दी कि उनकी सेना पहले से कहीं अधिक तैयार है और उंगलियां ट्रिगर पर ही रखी है।
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