
तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद, उनके बेटे और नए उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक भाषण में एक बदला लेने वाली सूची (रिवेंज लिस्ट) जारी की है। ईरान के एक राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र ‘हमशहरी’ द्वारा जारी की गई इस ऑनलाइन सूची में दुनिया के 13 बड़े नेताओं को निशाना बनाने की बात कही गई है। यह सूची अयातुल्ला अली खामेनेई के छह दिनों तक चले अंतिम संस्कार के बाद सामने आई है।
सूची में कौन-कौन से नेता हैं शामिल?
इस सूची को एक ग्राफिक के रूप में जारी किया गया है, जिसमें नेताओं को दो श्रेणियों में दिखाया गया है।
अपने पिता के अंतिम संस्कार के बाद पहली बार सामने आए मोजतबा खामेनेई ने कहा, ‘बदला लेना हमारे देश की इच्छा है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा’। उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा, ‘ये अपराधी, जिनके नाम इस सूची में हैं, वे अपने बिस्तर पर शांति से मरने का सपना देखते हुए ही कब्र में जाएंगे’। हालांकि, इस ग्राफिक को जारी किए जाने के बावजूद, अभी तक ईरान सरकार द्वारा इसे आधिकारिक तौर पर मंजूरी देने का कोई संकेत नहीं मिला है। मोजतबा खामेनेई ने यह भी साफ नहीं किया कि उनके पिता की मौत के लिए वे किसे सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हैं। गौरतलब है कि मोजतबा खुद भी 28 फरवरी को हुए उसी हमले में घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता की मौत हुई थी।
यह सूची ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि ईरान ट्रंप की हत्या की योजना बना रहा था। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्राइल ने वाशिंगटन के साथ एक ‘विशिष्ट’ हत्या की साजिश से जुड़ी जानकारी साझा की थी। इसी खतरे के चलते तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना विमान बदल दिया और एक पुराने विमान से यात्रा की। एयरफोर्स वन विमान पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘वे अमेरिकी नेता यानी मुझे खत्म करना चाहते हैं। मैं उनकी हर एक लिस्ट में शामिल हूं’।
यह पूरा घटनाक्रम तब और गरमा गया जब दोनों पक्षों ने युद्धविराम का उल्लंघन किया। वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने रविवार सुबह ईरान के करीब 140 ठिकानों पर हवाई हमले किए। जवाब में, तेहरान ने दावा किया कि जहाजों ने उनके द्वारा तय रास्ते के नियमों का उल्लंघन किया था। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक बंद रखने का एलान किया है, जब तक कि इस क्षेत्र में अमेरिकी दखलअंदाजी पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती। बता दें कि यह समुद्री रास्ता दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस परिवहन का लगभग पांचवां (1/5) हिस्सा संभालता है।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देशों की भी आलोचना की है। कतर (दोहा) ने इन हमलों को खतरनाक रूप से स्थिति को भड़काना बताया है, जबकि ओमान ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। ईरान के संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- ‘एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है। हमने आपसे कहा था: अपना वादा निभाओ या कीमत चुकाओ। हकीकत अब आपके सामने है’।
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