हजारीबाग। झारखंड के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र (Jharkhand – Vishnugarh Police Station Area) अंतर्गत कुसुंभा गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि एक मां ने बेटे की बीमारी ठीक कराने के लिए अंधविश्वास (Superstition) के चलते अपनी नाबालिग बेटी की बलि (Sacrifice of a minor daughter) दे दी। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि तांत्रिक के कहने पर 12–13 वर्षीय बच्ची की हत्या की गई। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने अपनी बेटी को तांत्रिक क्रिया के बहाने ले जाकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में मां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में एक तांत्रिक महिला की भूमिका भी सामने आई है, जिसने अंधविश्वास फैलाकर वारदात को अंजाम देने के लिए उकसाया।
अधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे फैली अफवाहों पर विराम लग गया है। पुलिस ने साफ किया कि यह पूरा मामला अंधविश्वास से जुड़ा है और उसी के चलते बच्ची की हत्या की गई।
पुलिस जांच में अवैध संबंध का एंगल भी सामने आया है, जिससे परिवार की संलिप्तता की बात कही जा रही है। इसी वजह से पीड़ित परिवार को मिलने वाले मुआवजे पर फिलहाल रोक लगा दी गई है और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
यह घटना अंधविश्वास की भयावह तस्वीर पेश करती है। जागरूकता की कमी और अंधविश्वास आज भी समाज को ऐसे अमानवीय कृत्यों की ओर धकेल रहे हैं। मामले ने पूरे झारखंड में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ा दी है।
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